मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने हाजी वसी को गैंग लीडर व मुख्तार बाबा, अकील खिचड़ी और शरीफ को सदस्य बनाते हुए गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। इसके बाद हाजी वसी के खिलाफ रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की कार्रवाई की थी। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि सात माह पहले दर्ज गैंगस्टर मामले में पुलिस की जांच पूरी हो गई है। इरफान गैंग की तरह ही पुलिस हाजी वसी के गैंग के सदस्यों की संपत्ति जब्त करेगी। गैंग के सभी सदस्यों की संपत्तियों को चिह्नित करने के लिए पुलिस की दो टीमें बनाई गई हैं। संपत्तियों के सत्यापन के बाद कार्रवाई की जाएगी।
यह था मामला
तीन जून को जुमे की नमाज के बाद बीजेपी प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा की टिप्पणी के विरोध में हयात जफर हाशमी ने बाजार बंदी की घोषणा की थी। बंदी को लेकर शुरू हुआ विवाद उपद्रव में बदल गया था। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव, बमबाजी और फायरिंग की थी। मामले में पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ एफआईआर दर्र्ज कर हयात जफर हाशमी, हाजी वसी, मुख्तार बाबा, समेत कई को जेल भेजा था।