वसी के अधिवक्ता का तर्क था कि पुलिस ने वसी को तीन मुकदमों में आरोपी बनाया है। पुलिस वसी को गिरफ्तार करने की फिराक में है। गिरफ्तारी हो गई तो अग्रिम जमानत अर्जी का कोई महत्व नहीं रह जाएगा इसलिए अगली सुनवाई होने तक वसी को अंतरिम जमानत दे दी जाए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अंतरिम जमानत को औचित्यहीन मानते हुए अर्जी खारिज कर दी और तीनों मुकदमों में अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 5 जुलाई की तिथि नियत की है।
40 आरोपियों ने दाखिल की जमानत अर्जियां
विशेष लोक अभियोजक पंकज त्रिपाठी ने बताया कि जेल में बंद उपद्रव के लगभग 40 आरोपियों की ओर से अलग-अलग जमानत अर्जियां भी दाखिल की गई हैं। कुछ अर्जियों पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन पुलिस रिपोर्ट न आने से अब छह जुलाई को सुनवाई होगी। वहीं 10-15 जमानत अर्जियों पर शुक्रवार को भी सुनवाई होनी है।