विशेष लोक अभियोजक घनश्याम श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों की ओर से चार्जशीट व गैंग चार्ट की कॉपी न मिलने का तर्क कोर्ट में रखा गया था। इस कारण सोमवार को आरोप तय नहीं हो सके।
गैंगस्टर के आरोपी जय बाजपेयी व उसके भाइयों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में अब 10 सितंबर को आरोप तय हो सकेंगे। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) मोहम्मद शफीक ने अजय व रजय की ओर से दाखिल वारंट रिकॉल (निरस्त) की अर्जियां स्वीकार कर लीं।
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सोमवार को कड़ी सुरक्षा में जय बाजपेयी को भी जेल से अदालत लाया गया था। सभी आरोपियों को चार्जशीट व गैंग चार्ट की कॉपी दे दी गई है। अगली तारीख में कोर्ट आरोप तय करेगी। गैंगस्टर कोर्ट में सोमवार को वकीलों के साथ जय को देखने और उससे मिलने वालों का भारी जमावड़ा रहा।
अदालत के निर्देश पर कड़ी सुरक्षा में जय को लाया गया था। वहीं पिछली तारीख पर अदालत में हाजिर न होने वाले जय के भाई अजय व रजय के खिलाफ कोर्ट से जारी गिरफ्तारी वारंट को रिकॉल (निरस्त) करने की अर्जी दी गई थी।
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तर्क दिया गया कि उन्होंने जानबूझकर कोर्ट आने में हीलाहवाली नहीं की। अर्जी को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने दोनों का वारंट निरस्त कर दिया है। विशेष लोक अभियोजक घनश्याम श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों की ओर से चार्जशीट व गैंग चार्ट की कॉपी न मिलने का तर्क कोर्ट में रखा गया था।
इस कारण सोमवार को आरोप तय नहीं हो सके। सभी आरोपियों जय, अजय, रजय व शोभित को अलग-अलग कॉपी दे दी गई हैं। कोर्ट ने अगली तारीख 10 सितंबर नियत की है। इसमें आरोप तय किए जाएंगे।