नवाबगंज में एनआरआई सिटी के पीछे गोवंश के अवशेष मिलने की घटना में वांछित दो आरोपियों की शुक्रवार को फजलगंज, नवाबगंज पुलिस और सेंट्रल जोन की स्वाट व सर्विलांस टीम से मुठभेड़ हो गई। दादानगर ढाल के पास रेलवे यार्ड के नजदीक चेकिंग के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में कुलीबाजार निवासी अब्दुल कादिर (20) और चमनगंज निवासी फरहान कालिया (30) के पैर में गोली लगी। दोनों को गिरफ्तार कर उपचार के लिए हैलट भेजा गया। पुलिस ने उनके कब्जे से दो 315 बोर के तमंचे, दो कारतूस और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद की है।
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक आठ अक्तूबर को एनआरआई सिटी के पीछे वाले गेट के पास हाईवे किनारे झाड़ियों में गोवंश का सिर, मांस और खाल समेत अवशेष पड़े होने की सूचना मिली थी। पशु चिकित्सक से जांच कराने पर अवशेष गोवंश के होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद नवाबगंज थाने में गोवध निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
जांच में फरहान कालिया, अब्दुल कादिर, मुन्ना कुरैशी उर्फ टीटी, रेहान और बरकत उर्फ बाबा की संलिप्तता सामने आई। नवाबगंज पुलिस ने सीएसए गेट के पास से मुन्ना कुरैशी उर्फ टीटी को गिरफ्तार किया। उस दौरान फरहान और अब्दुल कादिर बाइक से जबकि रेहान और बरकत स्कूटी से भाग निकले थे। शुक्रवार को फरहान और अब्दुल कादिर को गिरफ्तार किया गया। जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी। कोर्ट के आदेश पर दोनों को जेल भेजा गया।