फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: हैलट अस्पताल में खून की दलाली में दो बर्खास्त, एक निलंबित, जांच कमेटी गठित

Sat, 23 Jul 2022 08:29 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

हैलट अस्पताल में खून की दलाली का मामला सामने आया है। मामले में लैब सहायक योगेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। वहीं आउटसोर्सिंग के दो कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है।
 
विज्ञापन
हैलट अस्पताल कानपुर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में हैलट ब्लड बैंक में खून की दलाली करने वाले गैंग का खुलासा हुआ है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने खून की दलाली में लिप्त पाए जाने के आरोप में लैब सहायक योगेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं आउटसोर्सिंग के दो कर्मचारियों को बर्खास्त कर प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की है।
विज्ञापन


इस गैंग में कई अन्य कर्मियों के लिप्त होने की आशंका है। वहीं हैलट ब्लड बैंक में सतर्कता भी बढ़ा दी गई है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मैटरनिटी विंग में कोरोना की जांच के लिए लगी ट्रू-नेट मशीन में लैब सहायक के पद पर कार्यरत योगेंद्र कुमार ने 21 जुलाई की रात हैलट के वार्ड-16 में भर्ती फूलमती के तीमारदार से ब्लड के नाम पर 4000 रुपये किसी दलाल को दिलाए थे।

इसके बाद मेडिकल कॉलेज पैथालॉजी विभाग की प्रोफेसर डॉ. सुमनलता से ब्लड मुफ्त में दिए जाने की अनुमति ली और तीमारदार को ब्लड बैंक ले गया। ब्लड बैंक में ड्यूटी कर रहे लैब टेक्नीशियन संजय शुक्ला को शक हुआ तो उसने तीमारदार से पूछा। तीमारदार ने 4000 रुपये देेने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह भी बताया कि यह रकम योगेंद्र ने जिसे दिलाई है, उसे वह नहीं जानता। इसके बाद योगेंद्र को पकड़ लिया गया। ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ. लूबना खान ने बताया कि संजय शुक्ला गार्डों के सहयोग से लैब सहायक योगेंद्र कुमार और तीमारदार को हैलट इमरजेंसी में आकस्मिक चिकित्साधिकारी डॉ. अनुराग के पास ले गया।

वहां उन्होंने पूछताछ की। प्राचार्य को इसकी सूचना दी गई। प्राचार्य ने बताया कि शुरुआती जांच के आधार पर लैब सहायक योगेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया और आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों संजय, आफताब को बर्खास्त कर दिया है। जांच कमेटी में हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शुभ्रांशु शुक्ला और डॉ. नम्रता शामिल हैं। जांच रिपोर्ट आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। योगेंद्र कुमार को बर्खास्त भी किया जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें