विकास व लोको पायलट महेंद्र की फाइल फोटो
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कानपुर के बिधनू में सोमवार देर रात अलग-अलग सड़क हादसों में रेलवे कर्मी और दरवाजा खिड़की कारीगर की मौत हो गई। बिधनू के दलेलपुर गांव निवासी 40 वर्षीय लोको पायलट महेंद्र वर्मा सोमवार देर रात बाइक से ड्यूटी करने अनवरगंज रेलवे स्टेशन जा रहे थे। माधवबाग बाजार के पास तेज रफ्तार डंपर ने बाइक में सामने से जोरदार टक्कर मार दी।
हेलमेट पहनने के बाद भी डंपर के पहिये की चपेट में आने से उनके सिर में गंभीर चोट आ गयी। जिससे महेंद्र वर्मा की मौके पर ही मौत हो गयी। घटना के बाद चालक डंपर लेकर मौके से भाग निकला। छोटे भाई वीरेंद्र के मुताबिक महेंद्र अनवरगंज रेलवे स्टेशन में लोको पायलट पद पर कार्यरत थे। पत्नी प्रतिमा मैथा कानपुर देहात स्थित परिषदीय विद्यालय में अध्यापिका हैं।
जिसके चलते वह आठ वर्षीय बेटे और पत्नी के साथ कल्याणपुर में किराए के मकान में रहते थे। दो दिन पहले बड़े भाई महेंद्र मूलगांव दलेलपुर आये थे। सोमवार देर रात ड्यूटी के चलते वह उनकी बाइक से अनवरगंज रेलवे स्टेशन जा रहे थे।
वहीं शम्भुआ रेलवे ओवरब्रिज के पास तेज रफ्तार मौरंग लदे डंपर ने बाइक सवार फतेहपुर निवासी दरवाजा खिड़की कारीगर विकास (30) को रौंद दिया।
जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद भाग रहे चालक को डंपर समेत पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। पत्नी उषा के मुताबिक विकास दिल्ली में अपने चाचा के कारखाने में स्टील की खिड़की दरवाजा बनाने का काम करते थे। दो सप्ताह पहले वह मूलगांव एकघरा फतेहपुर आये था। सोमवार देर रात पतारा स्थित रिश्तेदार के यहां से फतेहपुर वापस आ रहे थे। बिधनू थाना प्रभारी प्रकाश चंद्र शर्मा ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।