गंगा बैराज क्षेत्र में मछली पकड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते वर्चस्व की लड़ाई में बदल गया। दो पक्षों के बीच लाठी-डंडे, रॉड और धारदार हथियार चले। आरोप है कि दबंगों ने इलाके में अपना दबदबा दिखाने के लिए गोली चलाई और तलवारें भी लहराईं। हमले में दो चचेरे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों के मौके पर जुटने पर आरोपी धमकाते हुए भाग निकले। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
गेट नंबर-10 पर हुआ खूनी संघर्ष पुराना कानपुर के मछुआ नगर निवासी मछली माफिया शुभम उर्फ माका ने बताया कि वह सोमवार सुबह अपने चचेरे भाई अभिषेक के साथ रामपुर गांव स्थित गंगा बैराज के गेट नंबर-10 के पास मछली पकड़ने गया था। इसी दौरान रामपुर गांव के बेटू, विशाल, आकाश, अंशू, गोपी और रमन समेत 30 से 40 लोग वहां पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने मछली पकड़ने का विरोध करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी और इलाके में मछली पकड़ने पर अपना अधिकार जताने लगे।