एसआईटी के पास 17 से 18 मामले पहुंचे
कोतवाली में एक अधिवक्ता ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन मामलों के सामने आने पर कई अन्य लोग पुलिस कमिश्नर से मिले जिसमें तात्याटोपेनगर के होटल कारोबारी और साकेतनगर की महिला कारोबारी शामिल हैं। इनकी शिकायत भी एसआईटी को दे दी गई। इस तरह एसआईटी के पास 17 से 18 मामले पहुंच गए हैं। इनमें से तीन की जांच लगभग पूरी हो गई है।
कुछ मामले 10 से 15 साल पुराने
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अखिलेश दुबे और उसके साथियों के पास कानून के अच्छे जानकारों की टीम है। यह टीम केस को खत्म कराने पर लगी हुई है। नई एफआईआर में कोई कसर न छूट जाए इसके लिए हर पहलु पर ध्यान दिया जा रहा है। गवाहों के बयान और वादी से मजबूत साक्ष्य लिए जा रहे हैं। कुछ मामले 10 से 15 साल पुराने हैं, जिनके लिए इलेक्ट्रिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
29 और 30 को आएंगे बयान देने
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कानपुर में तैनात रहे क्षेत्राधिकारी ऋषिकांत शुक्ला, वीके पांडेय, संतोष सिंह, इंस्पेक्टर अजय द्विवेदी और केडीए के दोनों कर्मचारियों को बयान के लिए एसआईटी ने 29 और 30 अगस्त को बुलाया है। उनसे साक्ष्य भी लाने के लिए नोटिस दिया गया है। पुलिस तीनों अधिकारी, इंस्पेक्टर और केडीए कर्मचारियों संग मिलीभगत कर फर्जी एफआईआर में सहयोग और जमीन में खेल करने का आरोप है।