कानपुर के कुरसौली गांव में बुखार से चौदहवीं मौत हो गई है। रविवार सुबह 20 दिन से बीमार चंद्रशेखर तिवारी (70) ने अंतिम सांस ली। इसके पहले 15 सिंतबर को उनकी पत्नी उर्मिला और 10 सितंबर को बहू क्षमा की मौत हुई थी। शुक्रवार को दोनों की तेरहवीं थी।
रविवार सुबह चंद्रशेखर की तबियत बिगड़ी और सांसें थम गईं। बुखार के बाद उनके फेफड़ों में संक्रमण हो गया था। चंद्रशेखर का कुरसौली स्थित उनके घर में ही इलाज चल रहा था। बुखार के बाद उनको सांस लेने में तकलीफ थी। घर पर ही उन्हें सिलिंडर से ऑक्सीजन दी जा रही थी।
कुरसौली के निरीक्षण के दौरान तत्कालीन डीएम आलोक तिवारी और अन्य अफसरों ने उनसे हैलट जाने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. अविनाश यादव ने बताया कि उन्हें टीबी भी थी।
अब भी बुखार से तप रहे कई लोग
कुरसौली में बुखार की चपेट में आए आठ रोगियों का अभी निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इसके अलावा चार-पांच रोगी प्राइमरी स्कूल में लगे हेल्थ कैंप से दवा ले रहे हैं। कुरसौली के जिन घरों का पानी संक्रमित मिला है, उन पर प्रशासन ने निशान लगवा दिया है।
पानी की व्यवस्था टैंकर से की जा रही है। कुरसौली से जो परिवार पलायन कर गए थे, वे अभी नहीं लौटे हैं। परिवार का एक सदस्य गांव आता है और साफ सफाई करके चला जाता है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में अभी कैंप कर रही है।