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कानपुर: गोशाला में चारा नहीं, भूख से मर रहे गोवंश

Sat, 13 Nov 2021 11:57 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

मार्च 2019 में शुरू हुई इस गोशाला में सैकड़ों गोवंशों की मौत हो चुकी है। कागजों में सिर्फ 16 की मौत दर्ज है। ग्रामीणों के अनुसार यहां मरने वाले गोवंशों को बिना पोस्टमार्टम के ही नाले के किनारे गाड़ दिया जाता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दो दिन पहले गोपाष्टमी के पर्व पर जगह-जगह गोमाता की पूजा अर्चना कर उनकी रक्षा के लिए बड़ी बड़ी बातें हुईं। गाय के महत्व को हर कोई जानता है। बस कदर नहीं है। ऐसी ही बेकदरी बिधनू की ग्राम पंचायत कठारा स्थित गोशाला में हो रही है।
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यहां न तो गोवंशों के लिए पर्याप्त चारा है, न ही सही देखरेख। अधिकांश गोवंश दयनीय हालत में मौत से संघर्ष कर रहे हैं। कठारा गोशाला में 235 गोवंश पंजीकृत हैं। यहां चारे के भंडारण खाली हैं। सिर्फ तीन से चार दिन का ही चारा बचा है।

चारे के नाम पर सिर्फ पुआल दिया जाता है। जबकि प्रति गोवंश 30 रुपये प्रति दिन के मिलते हैं। गोशाला के केयरटेकर छेदी लाल ने बताया कि यहां लगे गो सेवकों को कई महीनों से भुगतान नहीं मिला है। चारे की कमी है। जितना भी है सबमें बांटते हैं।
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दो बार हो चुकी है फोटो वायरल
मार्च 2019 में शुरू हुई इस गोशाला में सैकड़ों गोवंशों की मौत हो चुकी है। कागजों में सिर्फ 16 की मौत दर्ज है। ग्रामीणों के अनुसार यहां मरने वाले गोवंशों को बिना पोस्टमार्टम के ही नाले के किनारे गाड़ दिया जाता है। कुछ दिन पहले गोशाला में मरे कई गोवंशों और कंकालों की फोटो वायरल हुई थी। जिसके बाद जेसीबी से मिट्टी खुदवाकर वहां पानी भर दिया गया। एक दिन पहले कुछ और तस्वीरें वायरल हुईं जिसमें गोवंशों के अवशेष दिख रहे हैं। कुछ अभी भी पड़े हैं। 

2019 से इस गोशाला में अब तक कुल 16 मवेशियों की मौत हो चुकी है। पिछले सप्ताह दो गोवंशों की मौत हुई थी। जिनका पोस्टमार्टम कराया गया है। अभी तीन गोवंश बीमार हैं। जिनका इलाज किया जा रहा है। - आदित्य यादव, पशु चिकित्साधीक्षक बिधनू

30 रुपये प्रति मवेशी के हिसाब से सरकारी धनराशि मिलती है। अक्टूबर माह का अभी तक चारे का भुगतान नहीं हुआ है। मवेशियों की देखरेख के लिए 10 लोग लगे हैं, जिनका भुगतान मनरेगा से किया जाता है। फिलहाल चारे की समस्या नहीं है। चारा खत्म होने के पहले ही चारे का भंडारण कर लिया जाता है। - अरविंद कुशवाहा, ग्राम प्रधान कठारा
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