प्रोफेसर बोले: दूसरी काउंसलिंग में चुना था कानपुर
हृदय रोग संस्थान में डॉ. आरिफ के प्रोफेसर डॉ. अवधेश कुमार शर्मा ने पुष्टि की कि डॉ. आरिफ उनके संस्थान में तीन वर्षीय डीएम कार्डियोलॉजी कोर्स के प्रथम वर्ष के छात्र थे। प्रोफेसर डॉ. अवधेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह कोर्स तीन वर्ष का होता है। आरिफ जम्मू-कश्मीर के खगूर सदीवारा के रहने वाले हैं। पहले उन्हें एसजीपीजीआई लखनऊ में तैनाती मिली थी, लेकिन दूसरी काउंसलिंग में उन्होंने कानपुर चुना।
लोकेशन और साक्ष्य जुटाए
डॉ. आरिफ कानपुर के अशोक नगर, फातिमा अस्पताल के पास एक फ्लैट में किराए पर रह रहे थे। गुरुवार सुबह पुलिस और अन्य एजेंसियों ने यहां छापेमारी कर साक्ष्य जुटाए। मकान मालिक कन्हैया ने बताया कि एटीएस की टीम बुधवार सुबह उनके घर आई और आरिफ के कमरे की तलाशी ली। मकान मालिक कन्हैया ने कहा कि मैंने मकान देने से पहले उनकी आईडी चेक की थी जो जम्मू-कश्मीर की थी।
ज्यादातर अपने कमरे में रहते और पढ़ाई करते
डॉक्टर होने के नाते मैंने कमरा किराये पर दे दिया था। एटीएस टीम आई और कमरे की तलाशी लेकर लैपटॉप का डेटा अपने साथ ले गई। डॉ. आरिफ के बगल के कमरे में रहने वाले साथी डॉक्टर डॉ. अभिषेक ने बताया कि वो ज्यादातर अपने कमरे में रहते, पढ़ाई करते और अस्पताल चले जाते थे। फिलहाल, एटीएस और एनआईए की टीमें कानपुर में डेरा डाले हुए हैं और डॉ. शाहीन से जुड़े आतंकी नेटवर्क की कड़ियाँ जोड़ने की कोशिशें लगातार जारी हैं।