लोहे के खंभे पर लटका मिला शव
गोलू भुर्जी (17) शुक्रवार शाम चारा काटने के लिए कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजन उसकी तलाश कर ही रहे थे कि शनिवार सुबह उसका शव गांव के खेतों के बीच हाईटेंशन लाइन के लोहे के खंभे पर रस्सी के फंदे पर लटका मिला, तो परिजनों में कोहराम मच गया।
शव देखकर किशोरी गहरे सदमे में आ गई
शव फंदे से उतारकर घर ले आए। खबर फैलते ही मृतक के घर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। फिर, शव को रिंद नदी किनारे अंत्येष्टि स्थल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। जब किशोर का शव घर पर रखा था, तो भीड़ के साथ पङोस की रहने वाली किशोरी (15) भी वहां पहुंची थी। शव देखकर किशोरी गहरे सदमे में आ गई।
बेटी को फंदे पर झूलता देखा
वह अपने घर वापस पहुंची और फंदा लगाकर लटक गई। कुछ देर बाद जब किशोरी की मां और परिजन घर लौटे, तो बेटी को फंदे पर झूलता देखा नीचे उतारा। इस परिवार ने भी बिना पुलिस को किसी प्रकार की भनक लगे, रिंद नदी किनारे चिता लगाकर अंतिम संस्कार कर दिया। गांव में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जोरों पर रहीं।
गांव में पुलिस चौकी, बेखबर रही खाकी
पुलिस के हाईटेक होने के तमाम दावों और चौबीसों घंटे मुस्तैद रहने के प्रशासनिक वादों के बीच इस घटना ने पोल खोल दी है। घटनास्थल और नदी किनारे दिनदहाड़े दो-दो अंतिम संस्कार होने की भनक स्थानीय पुलिस चौकी को नहीं लग सकी। पुलिस चौकी के ठीक पीछे बसे इस गांव में दिनभर सनसनीखेज घटनाओं की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन खाकी का मुखबिर तंत्र पूरी तरह विफल नजर आया।
किसी भी प्रकार की लिखित सूचना प्राप्त नहीं हुई
दरोगा अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि मौखिक रूप से बात सुनने में जरूर आई थी, लेकिन कोई लिखित सूचना नहीं मिली। वहीं, साढ़ प्रभारी निरीक्षक केके मिश्रा ने भी स्पष्ट किया कि थाने या डायल 112 पुलिस के पास किसी भी प्रकार की लिखित सूचना प्राप्त नहीं हुई है।