कंपनियों का संचालन तिलकराज शर्मा करते हैं
रनियां में राजस्थान लिकर कंपनी की बीयर यूनिट चलती है। कंपनी के अलग-अलग शराब के ब्रांड हैं। इसके अलावा देसी शराब का भी बड़ा काम होता है। देसी शराब का ब्रांड बेहद मशहूर है। राजस्थान लिकर की सहायक इकाई आरती डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड है। कंपनियों का संचालन तिलकराज शर्मा करते हैं।
दस्तावेजों पर कम दिखाई जा रही थी कमाई
इनके परिवार के सदस्य कंपनियों में निदेशक हैं। आरती डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड अनाज आधारित शराब का उत्पादन और आपूर्ति करती है। सूत्रों ने बताया कि शराब कारोबारी की सभी कंपनियों का अच्छा कारोबार है और अच्छी कमाई भी है। इसके बाद भी कमाई दस्तावेजों पर कम दिखाई जा रही थी।
अलग-अलग रूट चैनलों से घुमाया जा रहा था पैसा
1400-1500 सालाना टर्नओवर के बाद भी महज आठ से नाै करोड़ का आयकर चुकाया जा रहा था। कंपनियों की कमाई को अलग-अलग रूट चैनलों से घुमाया जा रहा था और इसके जरिये बड़े पैमाने पर संपत्तियों की खरीदारी की जा रही थी। कानपुर के बिठूर, स्वरूपनगर, मुंबई, जयपुर समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में खरीदी गई संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं।
स्काॅटलैंड में रहते हैं विदेशी पार्टनर
संपत्तियां कम सर्किल रेट पर खरीदी गई हैं। इसकी अलग से भी जांच की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि कंपनी का विदेश से भी शराब सप्लाई का कारोबार है। कई विदेशी लोग इनकी कंपनियों में 10-10 प्रतिशत के पार्टनर हैं। इसका खुलासा जांच में हुआ है। विदेशी पार्टनर स्काॅटलैंड में रहते हैं।
विदेशी शराब के जॉब वर्क का भी काम
कई विदेशी शराब का जॉब वर्क का भी काम है। बताया गया कि कंपनी के एमडी और निदेशक के आवास महलनुमा बने हैं। कार्यालयों के रखरखाव में करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं लेकिन इसका हिसाब नहीं मिल रहा है। बोगस खर्च दिखाने के प्रमाण मिले हैं।