कन्नौज के अनौगी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में व्यवस्थाएं पटरी से उतर चुकी हैं। घटिया भोजन, गंदा पानी, सुविधाओं का अकाल और ऊपर से बात-बात पर मिलने वाली जलालत से तंग आकर कक्षा 10वीं से 12वीं तक के 95 छात्रों ने हॉस्टल के भीतर खुद को बंद कर भूख हड़ताल शुरू कर दी।
अव्यवस्थाओं की मार झेल रहे 550 मासूम
अनौगी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 से 12वीं तक के करीब 550 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। कहने को तो यह केंद्र सरकार का एक प्रतिष्ठित आवासीय संस्थान है, लेकिन हकीकत में यहाँ बच्चे नर्क जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। छात्रों ने अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि मेस में रोज कच्चे चावल परोसे जाते हैं।
बीते बुधवार की रात तो हद ही हो गई जब खाना पूरी तरह कम पड़ गया और दर्जनों मासूम छात्रों को भूखे पेट ही सोना पड़ा। स्कूल में पीने के लिए शुद्ध पेयजल तक मयस्सर नहीं है। स्वच्छता का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं है और खेल के मैदान बदहाल पड़े हैं।
भारत माता की जय' पर भड़के प्रधानाचार्य
छात्रों के आक्रोश का सबसे बड़ा कारण प्रधानाचार्य का वो फरमान बना, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। छात्रों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि बुधवार को जब वे स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के कार्यक्रमों की तैयारी कर रहे थे और पूरे उत्साह के साथ 'भारत माता की जय' व 'वंदे मातरम' के नारे लगा रहे थे, तभी प्रधानाचार्य बुरी तरह भड़क गए।
नाश्ता लेने से इनकार, प्रशासनिक अमले में हड़कंप
गुरुवार सुबह 10वीं से 12वीं तक के छात्रों ने मेस का नाश्ता लेने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद 95 छात्र एकजुट होकर अपने हॉस्टल के भीतर दाखिल हुए और अंदर से मुख्य कुंडी (ताला) बंद कर ली। देखते ही देखते छात्रों की भूख हड़ताल की खबर पूरे जिले में आग की तरह फैल गई।
डीएम से बात, फिर भी नहीं माने छात्र
छात्रों के कड़े रुख को देखते हुए एसडीएम सदर वैभव गुप्ता ने मौके से ही जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को फोन लगाया और मोबाइल से छात्रों की बात कराई। डीएम ने फोन पर छात्रों को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि वे 16 अगस्त को खुद विद्यालय आकर एक-एक समस्या को सुनेंगे और उसका समाधान करेंगे। हालांकि, छात्र इस बात पर अड़े रहे कि जब तक कोई ठोस प्रशासनिक कदम नहीं उठाया जाता, वे अपनी भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।
देर शाम पहुंचे डीएम-एडीएम: साथ बैठकर खाया खाना
मामले की गंभीरता और छात्रों के अडिग रवैये को देखते हुए देर शाम स्वयं जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और अपर जिलाधिकारी देवेंद्र सिंह नवोदय विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने हॉस्टल पहुंचकर छात्रों को बाहर निकाला और उनसे आमने-सामने बैठकर उनकी सभी मांगों को ध्यान से सुना।
छात्रों का दुखड़ा सुनने के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों की मौजूदगी में बड़ा आश्वासन दिया, डीएम ने स्पष्ट किया कि विवादित प्रधानाचार्य के स्थानांतरण और विभागीय कार्रवाई के लिए नवोदय विद्यालय समिति के उच्च अधिकारियों को शासन स्तर पर पत्र भेजा जाएगा।मेस में घटिया भोजन और अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए एसडीएम सदर वैभव गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी गई।