दोनों बेटों की सफलता में पढ़ाई रोड़ा नहीं बन पाएगी
उसके दोनों बच्चे करन-अर्जुन केशवनगर स्थित इंटर कॉलेज के छात्र थे। वह खुद 10वीं फेल थी, लेकिन कहती थी कि दोनों बेटों की सफलता में पढ़ाई रोड़ा नहीं बन पाएगी। कई साल तक वहां रहने के बाद वह मकान खाली कर इलाके के दूसरे अपार्टमेंट में रहने चली गई थी। अगले दो-तीन साल तो वहां रही हालांकि वह फिर कहां चली गई इसके बारे में किसी को कुछ नहीं पता।
ये था पूरा मामला
तबस्सुम अपनी बड़ी बहन गुलशन के दामाद अम्मार अंसारी के कहने पर बोगस फर्मों के माध्यम से टैक्स चोरी के खेल में शामिल हुई थी। उसका काम दस्तावेज उपलब्ध कराना और बिल बनवाना था। इस खेल में उसकी मदद प्रशांत बेंजवाल करता था जो कि पहले कानपुर के एक शाॅपिंग मॉल में कैशियर था।
बैंक किट और अन्य दस्तावेज बरामद
जल्दी अमीर बनने के लालच में नौकरी छोड़कर वर्ष 2023 में लखनऊ रहने चला गया था। प्रशांत फर्म रजिस्ट्रेशन के बाद बोगस आईटीसी को अन्य फर्म को बेचकर फर्जी बिल और फर्जी किरायेदारी के एग्रीमेंट तैयार करवाता था। पुलिस को तबस्सुम के पास से नौ डेबिट कार्ड, चार सिम, चार मोबाइल, चार पैनकार्ड, आधार, एक चेक, चेकबुक, बैंक किट और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।