हैलट में कुछ देर तक भर्ती रखा और फिर सर्वोदयनगर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। दरोगा की हालत नाजुक है। परिवार में पत्नी पूनम और तीन साल का बेटा आयंश, पिता शत्रुघन सिंह व भाई दीपक हैं। सभी उरई में रहते हैं।
क्या कार्रवाई से तनाव में थे अनूप
अनूप सिंह दो महीने से निलंबित थे। ऐसे में अचानक से खुदकुशी का प्रयास करने के पीछे यह भी आशंका है कि कहीं इसी वजह से तो वह तनाव में तो नहीं थे। या फिर कोई और वजह थी। फिलहाल पुलिस के पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। पुलिस ने उनके पास से जहर की पुड़िया बरामद की है।
रास्ते में गाड़ी की हुई थी टक्कर
अनूप को अपनी निजी कार में लेकर उसका साथी हैलट लेकर जा रहा था। चुन्नीगंज के पास एक गाड़ी उनकी कार से टकरा गई, जिससे विवाद शुरू हो गया। यह देख कर्नलगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। जब पता चला कि कार में दरोगा है, जिसने जहर खाया है। बाद में मामला सुलझ गया। इस दौरान एसीपी कर्नलगंज अमरनाथ यादव ने अनूप से पूछने का प्रयास किया तो अनूप ने कहा कि मुझे परेशान न करो। मुझको अभी कुछ नहीं कहना है। चूंकि उनकी हालत ज्यादा खराब दी थी, इसलिए किसी ने पूछताछ के लिए जोर नहीं दिया। अब बातचीत के हालत में नहीं हैं। पुलिस अफसरों ने उनके परिजनों को जानकारी दे दी है।
पहली प्राथमिकता दरोगा का इलाज कराना है। वह आईसीयू में हैं। अभी तक घटना के पीछे की वजह पता नहीं चली है। जांच की जा रही है।- तेज स्वरूप सिंह, एसपी आउटर