इरफान के शहर से दूर रहने से बदल सकते हैं सपा के समीकरण
आगजनी सहित कई मामलों में जेल में बंद चल रहे सपा विधायक इरफान सोलंकी को अब कानपुर से पूर्वांचल की जेल महराजगंज में भेज दिया गया है। कहा जा रहा है कि ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी से सपा की स्थानीय राजनीति के समीकरण बदल सकते हैं। खासकर मुस्लिम राजनीति का गणित गड़बड़ा सकता है।
इरफान सोलंकी समाजवादी पार्टी से तीन बार से लगातार विधायक चुने जा रहे हैं। मोदी की लहर में भी सपा ने यहां से जीत हासिल की। ऐसे में कहा जा रहा है कि अब आने वाले चुनाव के परिणाम भी दूसरे होंगे। दरअसल मुस्लिम मतदाताओं के बीच इरफान सोलंकी ने अपनी अलग रणनीति बनाई हुई है।
यह इस वजह से भी कहा जा सकता है, क्योंकि नगर निकाय चुनाव में सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र के वार्डों में प्रत्याशी कौन होगा, इसका फैसला करने के लिए पार्टी ने इरफान को ही अधिकृत किया है। इसी वजह से तीन दिन पहले पार्टी का एक दल उनसे जेल में भी मिला था। अब यहां से दूर रहने पर विधायक का राजनीतिक गतिविधियों में सीधे दखल कम होने की वजह से असर पड़ सकता है। इसका फायदा दूसरे राजनीतिक दलों को हो सकता है।