मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान ने बताया कि चार रोगियों की कार्निया अंदर तक सड़ गई है। आंख का गोला बचाने की कोशिश कर रहे हैं। रोगियों की आंखों में अलग-अलग दिनों में संक्रमण हुआ है। मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद आंखों की रोशनी गंवाने वाले छह रोगियों को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग लाया गया।
इस प्रकरण में एसीएमओ डॉ. एसके सिंह की अध्यक्षता में गठित जांच टीम रोगियों को लेकर आई। रोगियों को शिवराजपुर से एंबुलेंस से लाया गया था। मुन्नी देवी (70), शेर सिंह (70), रमेश कश्यप (50), सुल्ताना देवी (75), ज्ञानवती (70), राजराम (70) की आंखों की जांच विभागाध्यक्ष डॉ. परवेज खान और डॉ. शालिनी मोहन ने की।
रोगी रमा देवी नहीं आईं। इनमें ज्ञानवती, रमेश कश्यप, सुल्ताना देवी, मुन्नी देवी की आंख की पुतली संक्रमण के कारण सफेद पड़ गई है। उनकी आंखों में एंटीबायोटिक के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। इस मौके पर एसीएमओ डॉ. एसके सिंह ने रोगियों को बुलाकर उनके बयान लिए। रोगी ज्ञानवती आंखों की जांच कराने के बाद लौट गईं। उनका कहना था कि वह क्षेत्रीय डॉक्टर के यहां जांच कराएंगी। पांच रोगियों को भर्ती करके इलाज शुरू कर दिया गया। इसके साथ ही आराध्या आई हॉस्पिटल में रोगियों का आपरेशन करने वाले डॉ. नीरज गुप्ता के आपरेशन थिएटर की जांच मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मोहन ने की। उन्होंने बताया कि आपरेशन थिएटर में कोई कमी नहीं मिली। उसमें स्थिति मानक के अनुरूप मिली हैं। रोगियों को संक्रमण कैसे हुआ है? इस दिशा में टीम ने जांच शुरू कर दी है। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।