कोमॉर्बिड रोगियों पर कोरोना के अलावा सीजनल फ्लू भी घातक साबित हो रहा है। एक सप्ताह तक फ्लू संक्रमण खिंचने पर रोगियों के फेफड़ों में निमोनिया हो रहा है। कुछ रोगियों के फेफड़ों की झिल्ली में पानी आ गया है। सोमवार को हैलट ओपीडी में आए रोगियों में इस तरह के लक्षण मिले हैं।
इसके साथ ही ठंड के मौसम में रोगियों का ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर अनियंत्रित हो रही है। हैलट इमरजेंसी में गुर्दा और लिवर फेल के रोगियों को भर्ती किया गया। दो रोगियों की निमोनिया से मौत हो गई है। बीते दिन हैलट ओपीडी में कोरोना के लक्षण वाले जुकाम-बुखार, खांसी तथा गले के संक्रमण के रोगियों की अच्छी-खासी संख्या रही है।
सोमवार को हैलट में मेडिसिन विभाग की ओपीडी के सभी चैंबर खोल दिए गए। रोगियों की लंबी लाइन रही। मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि दवा की डोज दुरुस्त न होने से बीपी बढ़ रहा है। वहीं किदवईनगर के राकेश कुमार (55) की निमोनिया से मौत हो गई। इसके साथ ही कल्याणपुर के नरेशचंद्र (61) की निमोनिया से मौत हुई है।