सड़कें किसी जाति, धर्म या बिरादरी की नहीं होती
क्षेत्र में प्रस्तावित सड़कों की कुल लंबाई साढ़े 10 किलोमीटर बताई गई है, जिसे आने वाले समय में पूर्ण किया जाएगा। महाना ने कहा कि 2012 के पहले सड़क निर्माण की जो व्यवस्था थी। वह आज के आधुनिक दृष्टिकोण से काफी पीछे थी। अब विकास की परिभाषा बदल चुकी है। सड़कें किसी जाति, धर्म या बिरादरी की नहीं होती है, वे सभी के लिए होती हैं।
अगले 10 वर्षों में कानपुर के आखिरी गांव तक पहुंचेगी मेट्रो
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले आठ वर्षों में क्षेत्र में भूमि मूल्य में दस गुना वृद्धि हुई है, जो साफ संकेत है कि क्षेत्र में विकास की गति तेज हुई है। भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए महाना ने बताया कि अगले पांच वर्षों में एयरपोर्ट तक मेट्रो सेवा का विस्तार किया जाएगा और आगामी 10 वर्षों में मेट्रो फतेहपुर-कानपुर बॉर्डर के गांव पुरवामीर तक पहुंचाई जाएगी।