Kanpur News: पितृ अमावस्या के अवसर पर बिठूर में हजारों लोगों ने गंगा स्नान कर अपने पितरों का श्राद्ध किया। इसे सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन किसी भी पूर्वज का श्राद्ध किया जा सकता है।
कानपुर में पितृ पक्ष की अमावस्या के अवसर पर बिठूर में हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। लोगों ने गंगा जल, फूल और अन्य सामग्री अर्पित कर अपने पितरों का श्राद्ध किया और उन्हें अंतिम विदाई दी। पत्थर घाट के तीर्थ पुरोहित कालीचरण दीक्षित ने बताया कि पितृ अमावस्या विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनकी मृत्यु अमावस्या तिथि पर हुई हो।
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हालांकि, अगर कोई व्यक्ति किसी कारण से पूरे पितृ पक्ष में श्राद्ध नहीं कर पाया है, तो उसे इस दिन जरूर श्राद्ध करना चाहिए। माना जाता है कि इस तिथि पर श्राद्ध करने से सभी पितरों की आत्माएं तृप्त हो जाती हैं। इसलिए, इस दिन को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन किसी भी पूर्वज का श्राद्ध किया जा सकता है।