फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साढ़ हादसा: खंती में डूबी डग्गामार बस, 50 मासूमों की सांसें अटकीं; हादसे में पिता-पुत्र की मौत से गांव में मातम

Fri, 12 Sep 2025 01:23 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: हादसे से सहमे बाहर खड़े बच्चों ने बताया कि बस में सीटों के अलावा बेंच डालकर भी बच्चों को बैठाया जाता है। रोजाना इस बस से करीब 60 बच्चे आते-जाते हैं। वहीं, विद्यालय प्रबंधक गोविंद सिंह ने बताया कि बस की आवश्यकता होने पर गांव की ही बस को किराये पर लगा लिया था।
विज्ञापन
भीतरगांव स्कूली बस हादसा - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर के भीतरगांव में साढ़ थाना क्षेत्र के गोपालपुर के पास गुरुवार को खंती में गिरी स्कूली बस में पानी भरा तो उसके अंदर फंसे 50 बच्चे छटपटाने लगे। वह खिड़की से बचाने की गुहार लगा रहे थे। तभी वहां से निकल रहे तीन युवक पानी में उतरकर बच्चों को बाहर निकालने में जुट गए। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। इस दाैरान कापी, किताबें और टिफिन बाॅक्स पानी में उतराते दिखाई दिए।

विज्ञापन

भीतरगांव स्कूली बस हादसा - फोटो : amar ujala

डग्गामार बस को बना दिया स्कूली बस
हादसे के बाद अभिभावक प्रबंधतंत्र पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि मिथिलेश सिंह शिक्षा निकेतन में जुलाई से यही डग्गामार बस सुबह शाम बच्चों ला और ले जा रही थी। यातायात विभाग से पता चला कि बीते दिनों चालक के पास डीएल न हाेने पर चालान हुआ था। बस के अंदर हेल्पर या स्कूल का कोई शिक्षक या शिक्षिका भी नहीं थे। हादसे से सहमे बाहर खड़े बच्चों ने बताया कि बस में सीटों के अलावा बेंच डालकर भी बच्चों को बैठाया जाता है। रोजाना इस बस से करीब 60 बच्चे आते-जाते हैं। वहीं, विद्यालय प्रबंधक गोविंद सिंह ने बताया कि बस की आवश्यकता होने पर गांव की ही बस को किराये पर लगा लिया था।

भीतरगांव स्कूली बस हादसा - फोटो : amar ujala

बुधवार शाम ही जोधपुर से घर आया था
हादसे में बाइक सवार पिता-पुत्र की माैत के बाद पालपुर गांव में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। मृतक सुरेश चंद्र निगम के तीन बेटे थे। इनमें मनीष उर्फ राजू और प्रमोद जोधपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं। छोटा बेटा अमित घर में परचून की दुकान रखे है। दो बेटियों में बड़ी सोनी शादी के बाद भी तीन साल से मायके में ही रह रही है। छोटी बेटी प्रियंका प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए साढ़ कोचिंग करने जाती है। पत्नी शशी बेटे और पति की मौत से बेसुध है। बेटा मनीष बुधवार शाम ही जोधपुर से घर आया था। गुरुवार को पिता की आंख दिखाने शहर जा रहा था तभी हादसा हो गया और पिता-पुत्र की माैत हो गई।

भीतरगांव स्कूली बस हादसा - फोटो : amar ujala

ये था पूरा मामला
भीतरगांव में 50 बच्चों से भरी स्कूली बस साढ़-जहानाबाद मार्ग पर बाइक सवार पिता-पुत्र को राैंदते हुए पानी भरी खंंती में पलट गई। माैके पर ही पिता-पुत्र की माैत हो गई जबकि बेटी की हालत गंभीर है। ग्रामीणों ने बस की शीशे ताेड़कर छात्र-छात्राओं को बाहर निकाला। 12 छात्र-छात्राएं मामूली रूप से जख्मी हैं। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। हादसे से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जामकर स्कूल और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। हादसा साढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह आठ बजे हुआ।

भीतरगांव स्कूली बस हादसा - फोटो : amar ujala
पांच फीट गहरी पानी भरी खंती में पलटी बस
भीतरगांव ब्लाॅक के गोपालपुर गांव स्थित मिथिलेश सिंह शिक्षा निकेतन की बस गुरुवार सुबह तिवारीपुर, साढ़, मनियापुर व दौलतपुर के 50 बच्चों को लेकर स्कूल आ रही थी। गांव का ही चालक बस चला रहा था। करीब आठ बजे स्कूल से आधा किमी पहले बस गोपालपुर गांव किनारे अचानक अनियंत्रित हो गई। बस ने सामने से आ रही बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बाइक सवार पिता-पुत्र बीच सड़क पर गिरे, तो बस उन्हें रौंदते हुए सड़क किनारे बनी करीब पांच फीट गहरी पानी भरी खंती में पलट गई।
विज्ञापन

भीतरगांव स्कूली बस हादसा - फोटो : amar ujala
बस चालक मौके से भाग निकला
हादसे में पालपुर गांव निवासी बाइक सवार राजू निगम (25) और उनके पिता सुरेश निगम (59) की मौत हो गई, जबकि साथ बैठी बेटी प्रियंका गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों ने बताया कि राजू अपने बेटे सुरेश के साथ आंखों की जांच कराने शहर जा रहे थे जबकि बाइक में पीछे बैठी प्रियंका को साढ़ स्थित लाइब्रेरी में उतरना था। वहीं, हादसे के बाद बस चालक मौके से भाग निकला। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ जुट गई। आनन-फानन में कई युवकों ने पानी में उतरकर बस के शीशे तोड़ने के बाद बच्चों को बाहर निकाला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें