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ये तस्वीरें अच्छी हैं: स्टेशन पर दिव्यांग का सहारा बनी आरपीएफ, बस अड्डे पर मासूम के मददगार बने अनजान यात्री

Tue, 28 Apr 2026 01:08 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर सेंट्रल पर आरपीएफ ने दिव्यांग को ट्रेन में बैठाकर कर्तव्य निभाया। वहीं झकरकटी पर यात्रियों ने बेहोश बच्ची को होश में लाकर इलाज के लिए आर्थिक मदद जुटाई। मुसीबत के वक्त शहर में दिखी इस एकजुटता ने इंसानियत की मिसाल पेश की है।
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दिव्यांग मुथरेश को उठाकर ले जाते जवान और बस अड्डे पर बेहोश बच्ची की मदद करता यात्री - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर शहर में सोमवार को सामने आई दो घटनाओं ने मानवता की जीवंत तस्वीर पेश की। एक ओर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ कर्मियों ने दिव्यांग यात्री को ट्रेन तक पहुंचाया। वहीं झकरकटी बस अड्डे पर बेहोश हुई बालिका को यात्री और रोडवेज कर्मी पानी की छीटें डालकर न सिर्फ होश में लाए, बल्कि अस्पताल भेजा और घर वापसी के लिए आर्थिक मदद भी जुटाई।

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कौशांबी के भरवारी निवासी मुथरेश (55) प्रयागराज जाने के लिए सेंट्रल स्टेशन पर पहुंचे। ट्रेन आने पर वह प्लेटफार्म की ओर बढ़े पर दिव्यांग होने के कारण फुटओवर ब्रिज से उतर नहीं पाए। इस पर मुथरेश ने मदद की गुहार लगाई। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने दो सिपाहियों को भेजकर उन्हें ट्रेन में बैठाया। वहीं, झकरकटी बस अड्डे पर सोमवार की दोपहर पहुंची रायबरेली की रेशमा (12) गर्मी से बेहोश हो गई।

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बस अड्डे पर रेशमा बेहोश हो गई, बेटी की तबीयत बिगड़ी देखकर मां रेशमा रोने लगी - फोटो : amar ujala
किराये के लिए करीब एक हजार रुपये भी जुटाए
उसकी नाक से खून निकलने लगा। बेटी की हालत बिगड़ी, तो मां निशा रोने लगी। इसके बाद आसपास के यात्रियों व रोडवेज कर्मियों ने उसकी मदद की। लोगों ने पानी छिड़का, तो रेशमा होश में आई। इसके बाद एंबुलेंस से उसे उर्सला भेजा। किराये के लिए करीब एक हजार रुपये भी जुटाए। एक यात्री उसे गोद में उठाकर एंबुलेंस तक छोड़ने भी गया।
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