वहीं दाहिने हाथ में भी चाकू के कट मार दिया था। वादरात को अंजाम देने केबाद डकैत वहां से भाग निकले। उनके जाने के काफी देर बाद वह घिसटते हुए बालकनी में पहुंची और गार्ड वीरेंद्र वर्मा को आवाज लगाई। इसके बाद शोरगुल सुनकर अपार्टमेंट में रहने वाले अन्य लोग भी उनके फ्लैट में पहुंचे। सूचना पर फोरेंसिक टीम संग मौके पर पहुंचे एडीसीपी डॉ अनिल कुमार ने जांच पड़ताल की।
दो डकैतों ने गार्ड को गन प्वाइंट पर बनाया बंधक
औरैया निवासी गार्ड वीरेंद्र (70) ने बताया कि वह डेढ़ माह पहले ही यहां ड्यूटी पर आया था। इससे पहले वह लालबंगला में दालमिल में गार्ड की नौकरी करता था। अपार्टमेंट में रहने वाले एमएल गुप्ता उसे लेकर यहां आए थे। वीरेंद्र ने बताया कि देर रात वह पार्किंग में सो रहा था। तभी दीवार फांदकर दाखिल हुए एक बदमाश ने उसे तमंचे की नोक पर बंधक बना लिया।
इसके बाद गोली मारने की धमकी देते हुए गेट खुलवाया। गेट खुलते ही उसके पांच और साथी भीतर दाखिल हो गए। फिर मारते हुए बेसमेंट के दूसरे कोने पर ले गए। जहां उसके ही तहमद से मुंह और आंख बंद कर दिया। इसके बाद रस्सी के हाथ बांध कर ऊपर डकैती डालने की बात कहकर निकल गए। उस दौरान डकैताें का एक साथी उनके पास ही मौजूद थी। इसका एहसास उन्हें तब हुआ जब उसका पैर बदमाश का पैर लगा।
स्थानीय पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की भी टीम को लगाया गया है। इसके अलावा घटना स्थल केआस पास लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
डॉ अनिल कुमार, एडीसीपी साउथ