कानपुर में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद छह लोगों की आंखों की रोशनी जाने के मामले में आराध्या आई हॉस्पिटल के संचालक नेत्र सर्जन डॉ. नीरज गुप्ता और मरीज लाने वाले दुर्गेश कुमार शुक्ला के खिलाफ बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह कार्रवाई एसीएमओ डॉ. एसके सिंह की तहरीर पर की गई है। उन्होंने इलाज में लापरवाही और फ्री कैंप का झांसा देकर मरीजों से डेढ़-डेढ़ हजार रुपये वसूलने का आरोप लगाया है।
बर्रा थाने में एसीएमओ ने डॉ. नीरज गुप्ता और दुर्गेश के खिलाफ जो तहरीर दी है, उसमें आरोप लगाया है ऑपरेशन के बाद रोगियों का फॉलोअप नहीं किया गया। इलाज में लापरवाही बरती गई। इसकी वजह से रोगियों की आंख की रोशनी चली गई। साथ ही फ्री कैंप का झांसा देकर रोगियों से ऑपरेशन के लिए रुपये वसूले गए। इसके साथ ही सरकारी कैंप के नाम का दुरुपयोग किया गया। रोगियों को सरकारी कैंप बताकर बरगलाया गया है।