लॉकडाउन के चलते कानपुर में फंसे राजस्थान के 228 लोग गुरुवार को झकरकटी बस अड्डे से रोडवेज की नौ बसों से रवाना किए गए। ये वे लोग थे जो किसी काम या रिश्तेदार से मिलने आए थे, और शहर में फंस गए। इनमें तमाम छात्र-छात्राएं भी शामिल रहे। इन्होंने जिला प्रशासन की मदद से अपने राज्य जाने की गुहार लगाई थी। सभी को बुधवार शाम जानकारी दी गई कि गुरुवार को बसों से भेजा जाएगा। ऐसे में 92 लोग नहीं जा सके। कुल 320 लोगों के जाने की व्यवस्था थी।
सुबह से ही झकरकटी बस अड्डे पर लोगों की हाजिरी शुरू हो गई। मेडिकल टीम से सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की। इनमें कई यात्री मथुरा के भी थे। परिवहन विभाग के एआरएम राजेश सिंह ने बताया कि यात्रियों को राजस्थान के भरतपुर बॉर्डर तक भेजा गया है। इसके लिए किसी से किराया नहीं लिया गया। बॉर्डर से राजस्थान परिवहन की बसें इन्हें संबंधित जिलों तक ले जाएंगी। बसों में यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाया गया।
झकरकटी बस अड्डे पर प्रशासन, रोडवेज समेत सिविल डिफेंस की भी अहम भूमिका रही। सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर कश्मीर सिंह ने बताया कि उनकी टीम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने में जुटी है।
यात्रियों को लंच पैकेट दिए गए। साथ ही कुछ यात्रियों की मांग पर उन्हें मिचली आदि की दवाएं भी दी गईं। इस मौके पर एसीएम द्वितीय अमित सिंह राठौर मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से हर बस में पुलिस के दो-दो जवान भेजे गए हैं। जो मथुरा तक जाएंगे। वहां से राजस्थान बॉर्डर के लिए दूसरे पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगेगी।
एआरएम राजेश सिंह ने बताया कि कानपुर से 27 खाली बसें भी भेजी गई हैं। इनसे राजस्थान के भरतपुर बॉर्डर पर फंसे यूपी के लोगों को लाया जाएगा।