गेहूं सस्ता होने से आटा के दाम में चार रुपये किलो की कमी आई है। दो सप्ताह पहले तक आटा फुटकर में 36 रुपये किलो बिक रहा था। अब इसके भाव 32 रुपये किलो हो गए हैं। हालांकि बड़ी कंपनियों ने अपने भाव कम नहीं किए हैं। जानकारों का कहना है कि नया स्टाक आने पर भावों में कमी आ सकती है।
कानपुर गल्ला अढ़तिया संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय बाजपेई ने बताया कि बुधवार को गेहूं का भाव 2600 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। कुछ समय पहले इसका भाव 3100 रुपये प्रति क्विंटल हो गया था। इस कारण आटा के दाम बहुत बढ़ गए थे। उन्होंने बताया कि सरकार ने अपना गेहूं बेचना शुरू कर दिया है।
इसके लिए 2447 रुपये प्रति क्विंटल भाव तय किया है। इसके अलावा कानपुर समेत पूरे देश के लिए 30 लाख टन गेहूं का टेंडर किया है। शहर में 13 से 15 हजार क्विंटल गेहूं बाजार में आएगा। इसका असर भी तेजी से पड़ा है। भाव में तेजी से गिरावट आई है। यदि सरकार ऐसा न करती तो गेहूं के दाम अब 3500 रुपये क्विंटल तक होते। किराना व्यापारी राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि फुटकर में आटा 32 रुपये किलो हो गया है।