राष्ट्रपति और राज्यपाल से सम्मानित कल्याणपुर की अवधपुरी कॉलोनी निवासी लेखिका मनोरमा शुक्ला के पुश्तैनी घर पर उनकी देवरानी ने बेटे और रिश्तेदारों की मदद से कब्जा कर लिया। मनोरमा ने ग्वालटोली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विरोध पर गालीगलौज करने का भी आरोप लगाया है। मनोरमा शुक्ला ने बताया कि वर्ष 2008 में उनके पति विमल शुक्ला का देहांत हो गया था। वह अपने बेटे के साथ अवधपुरी कॉलोनी में रहती हैं। उनके पति चार भाइयों में सबसे बड़े थे।
सूटरगंज में उनका तीन मंजिला पुश्तैनी मकान है। इसमें सभी भाई सह हिस्सेदार हैं। मनोरमा के तहरीर के अनुसार मकान के निचले हिस्से में आधा उनका भी है। उनका हिस्सा देवरानी ऊषा शुक्ला के बेटे लालू उर्फ स्वप्निल ने अपने ससुर कौशल किशोर मिश्रा को दे रखा था। आरोप है कि 40 साल बाद भी न तो उन्होंने कोई किराया दिया और न ही घर के टैक्स का भुगतान किया।