मौसम के बदलाव से वायरल संक्रमण तेज हो गया। हैलट की मेडिसिन विभाग की ओपीडी में वायरल संक्रमण रोगी अधिक संख्या में आ रहे हैं। इनमें वायरल डायरिया, पेट संक्रमण और सांस के रोगी अधिक हैं। सांस तंत्र के पुराने रोगियों को वायरल संक्रमण के बाद निमोनिया हो जा रहा है। अस्थमा के एक रोगी की मौत हो गई। ब्लड प्रेशर कम होने से रोगी हार्ट फेल की स्थिति में पहुंच रहे। हैलट इमरजेंसी, चेस्ट हॉस्पिटल और कार्डियोलॉजी में रोगी आ रहे हैं।
नवाबगंज के रहने वाले अस्थमा रोगी जगन्नाथ (65) की शनिवार को मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि जुकाम, खांसी, बुखार होने के बाद उनकी सांस में दिक्कत होने लगी। इस पर क्षेत्र के डॉक्टर को दिखाया। उसने निमोनिया बताया और हैलट या चेस्ट हॉस्पिटल ले जाने को कहा लेकिन रोगी की मौत हो गई। रेस्पेरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. संजय वर्मा ने बताया कि इस मौसम में एलर्जी बढ़ती है। इससे पुराने को रोगियों को तकलीफ होने लगती है। इसके साथ ही फेफड़ों में पानी भर जाता है। मेडिसिन विभाग के सीनियर फिजीशियन डॉ. ललित कुमार ने बताया कि शरीर में पानी की कमी न होने दें। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है जिससे वायरल संक्रमण हो जाता है।