संजू देवी पात्र हैं लेकिन झोपड़ी में रहने को मजबूर
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास पाने के वास्तविक 12 हकदारों को बड़ा झटका लगा है। कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से उनको सत्यापन में अपात्र कर दिया है। इसकी शिकायत बीडीओ से की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जब जिलाधिकारी और सीडीओ से शिकायत की गई है। आरोप लगाया है कि उनसे 10-10 हजार रुपये मांगे जा रहे थे।
परियोजना निदेशक को जांच के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उन्हें मिलते हैं, जो गरीब होते हैं। उनके पास कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए। घाटमपुर ब्लॉक में वित्तीय वर्ष में एक हजार से अधिक प्रधानमंत्री आवास बनाने का लक्ष्य था। आवेदनों का बीडीओ ने जब सचिवों से सत्यापन कराया तो 12 भूमिहीन और गरीबों को अपात्र किए जाने की जानकारी मिली।
हलफनामे पर लोगों ने शिकायत की है। उसकी जांच की जाएगी। अगर सत्यापन गलत तरीके से किया गया होगा, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। उनका नाम पात्र सूची में शामिल किया जाएगा। - कुमुदेंन्द्र कलाकर, परियोजना निदेशक