पीयूष जैन से जेल में दोबारा पूछताछ के लिए डीजीजीआई टीम ने कोर्ट में अर्जी दी है।जिसकी सुनवाई सोमवार को होगी। लगभग ढाई सौ करोड़ की नगदी और जेवरात की बरामदगी के मामले में जेल में बंद पीयूष जैन जांच के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी हाथ लगे हैं।
ढाई सौ करोड़ की नगदी और जेवरात की बरामदगी के मामले में जेल में बंद पीयूष जैन से डीजीजीआई अहमदाबाद की टीम दोबारा पूछताछ करना चाहती है। पिछले दिनों जेल में की गई पूछताछ में पीयूष बातों को घुमा रहा था। सही जवाब नहीं दे रहा था। जांच के दौरान टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। जिससे कई बड़े लोग टीम की राडार पर हैं।
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पीयूष से दोबारा पूछताछ के लिए शुक्रवार को विवेचक की ओर से रिमांड मजिस्ट्रेट अजिता वर्मा की कोर्ट में अर्जी दी गई जिस पर सोमवार को नियमित कोर्ट में सुनवाई होगी। वहीं अभियोजन की मांग पर पीयूष की रिमांड अवधि चार फरवरी तक के लिए बढ़ा दी गई है। डीजीजीआई अहमदाबाद की ओर से विवेचक एसआईओ शंभूनाथ सिंह ने पीयूष कुमार जैन के मामले में अग्रिम विवेचना के लिए 14 दिन का रिमांड बढ़ाने की मांग की।
विशेष लोक अभियोजक अम्ब्रीष टंडन ने बताया कि पीयूष की रिमांड अवधि 23 जनवरी को खत्म हो रही थी। अदालतों में अवकाश घोषित होने के कारण शुक्रवार को ही रिमांड बढ़ाने के लिए अर्जी दी गई। जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने चार फरवरी तक के लिए पीयूष का रिमांड बढ़ा दिया है। 6, 7 व 8 जनवरी को डीजीजीआई अहमदाबाद की टीम ने जेल में पीयूष के बयान दर्ज किए थे, जिसमें उसने कई अहम बातें बताई थीं।
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उसने बताया था कि तीन फर्मों के जरिए किस तरह से वह खरीददारों से बिलों के नाम पर हेराफेरी कर टैक्स चोरी करता था। पूछताछ के बाद कई और लोगों के नाम व कई अहम दस्तावेज भी टीम के हाथ लगे हैं। इस संबंध में टीम दोबारा पीयूष से पूछताछ करना चाहती है। जिसकी अनुमति के लिए कोर्ट में अर्जी दी गई।
हालांकि कोर्ट ने क्षेत्राधिकार की बात कहते हुए नियमित कोर्ट में अर्जी की सुनवाई की बात कही। वहीं पीयूष की ओर से अधिवक्ता चिन्मय पाठक ने रिमांड अर्जी और पूछताछ के लिए दी जाने वाली अर्जी का विरोध किया। उन्होंने पीयूष को अपने बचाव में पक्ष रखने के लिए अभियोजन से प्रपत्र देने की मांग भी की।