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कानपुर: अखिलेश दुबे की जेल से रिहाई का रास्ता साफ, फंस सकता सुरेश, पुलिस की होगी किरकिरी

Tue, 22 Sep 2026 11:23 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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अधिवक्ता अखिलेश दुबे केस - फोटो : amar ujala
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कोर्ट में रंगदारी मामले में सुरेश पाल के बयान बदलने से अखिलेश दुबे को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं सुरेश खुद झूठी गवाही देने के मुकदमे में फंस सकता है। सुरेश के बयान ने अब अखिलेश की जेल से रिहाई का रास्ता साफ कर दिया है। अधिवक्ता अखिलेश दुबे पर सुरेश पाल ने ढाई करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया था।
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आरोप इतना गंभीर था कि सुप्रीम कोर्ट तक से अखिलेश को जमानत नहीं मिल सकी। एक-एक कर अखिलेश को सभी मुकदमों में जमानत मिलने के बाद अभियोजन ने इस मुकदमे में अखिलेश को जेल में रखने के लिए जी-जान लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट में कड़ी पैरवी की गई। सबका मुख्य आधार वादी सुरेश पाल का बयान ही था लेकिन सुरेश के बयान बदल देने से मुकदमे का रुख ही बदल गया है। अगली तारीख पर अभियोजन सुरेश से जिरह करेगा। इस दाैरान कोई ऐसा जवाब अभियोजन को मिल जाता है जिससे यह साबित हो जाए कि सुरेश और अखिलेश के बीच किसी तरह का समझौता हो गया है।

इसी कारण सुरेश कोर्ट में झूठी गवाही दे रहा है तो सुरेश मुश्किल में पड़ सकता है। मुकदमे के फैसले के समय सुरेश के खिलाफ भी कोर्ट प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दे सकती है। अखिलेश के खिलाफ चल रहे छह मुकदमों में से पहले मुकदमे में ही गवाही शुरू हो सकी है और उसी में वादी का बयान से मुकर जाना पुलिस के माथे पर भी बल डाल रहा है।

 
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विवेचना भी सवालों के घेरे में आ सकती है और विवेचक को भी कोर्ट की कार्रवाई की जद में आना पड़ सकता है। पुलिस की किरकिरी भी होगी। फिलहाल सुरेश के बयान के आधार पर अखिलेश को जमानत भी मिल सकती है और अगर न्यायिक कार्यवाही तेजी से चली तो मुकदमे का निस्तारण भी जल्द हो सकता है।
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