पिंजड़े के पास किया शिकार
वन विभाग ने नवाबगंज के भगवानदीन पुरवा में तेंदुए को पकड़ने के लिए एक पिंजड़ा रखा है, जिसमें किसी मरे हुए जानवर को भी रखा गया है, लेकिन तेंदुआ पिंजड़े के पास न जाकर आसपास शिकार कर रहा है। वन विभाग की टीम को मादा तेंदुए के साथ उसके दो शावकों के पग चिह्न मिल चुके हैं। टीम ने सिर्फ एक दिन कांबिंग की इसके बाद वहां कोई नहीं गया।
जब से तेंदुए ने मवेशी को खाया है तब से हम लोगों ने खेतों में अपने जानवर ले जाना बंद कर दिया है। सभी लोग घर के अंदर ही लेट रहे हैं।- बिट्टन देवी, बनियापुरवा
यहां सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। तेंदुए के डर के कारण दो दिन से किसान अपनी सब्जी की रखवाली करने खेत नहीं जा रहे हैं। - बाबू लाल, भगवानदीन पुरवा
इन गांवों के लोग परेशान
तेंदुए के डर से भगवानदीन पुरवा, भोपालपुरवा, बनियापुरवा, दुर्गापुरवा गांव के लोगों में दहशत।
वन विभाग की टीम दिन और रात में भी कांबिंग कर रही है। तेंदुआ प्रतिदिन किसी न किसी जानवर का शिकार कर रहा है। हमारी टीम उसे पकड़ने का पूरा प्रयास कर रही है, लेकिन अभी तक वह देखा नहीं जा सका। - लल्लू सिंह, आरओ वन विभाग
एक रात में 25 किलोमीटर तय करता दूरी
तेंदुआ एक रात में 25 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकता है। वह दिन में बाहर निकलने से बचता है। ये मनुष्यों पर हमला तभी करता है जब उसकी जान पर खतरा होता है। बड़ा तेंदुआ एक बार में 5 किलो मांस खा सकता है। इसके बाद दो दिनों तक बिना भोजन के रह सकता है।