एनआईए टीम ने एक अन्य सुरक्षा एजेंसी के साथ मिलकर पीएफआई की पॉलिटिकल विंग एसडीपीआई (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) के सदस्य को उठाकर पूछताछ की। करीब चार घंटे तक पूछताछ में कोई तथ्य न निकलने पर उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया।
पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के खिलाफ प्रदेश में ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। कानपुर में भी पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं हैं। मंगलवार को एनआईए टीम ने एक अन्य सुरक्षा एजेंसी के साथ मिलकर पीएफआई की पॉलिटिकल विंग एसडीपीआई (सोशल डेमोेक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) के सदस्य को उठाकर पूछताछ की।
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करीब चार घंटे तक पूछताछ में कोई तथ्य न निकलने पर उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार एनआईए की एक टीम शहर में सक्रिय रहेगी। सूत्रों के मुताबिक एनआईए और एक अन्य सुरक्षा एजेंसी की टीम ने शाम को दलेलपुरवा से एक युवक को उठाया। उसके बारे में जानकारी है कि वह एसडीपीआई का सक्रिय सदस्य है।
किन-किन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया जैसी पूछताछ करने के बाद खातों की जानकारी खंगाली गई। कॉल डीटेल्स भी जुटाईं। सूत्र बताते हैं कि चार घंटे की पूछताछ में पता चला कि उसने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था मगर फंडिंग आदि व्यवस्थाओं को लेकर उसके पास बहुत जानकारी नहीं थी। न ही पीएफआई सदस्यों को लेकर उसके पास से जानकारी मिली। रात लगभग साढ़े नौ बजे एनआईए ने दूसरी एजेंसी की मदद से उसे परिजनों को ऑफिस बुलाकर उनके हवाले कर दिया। कहा, दोबारा पूछताछ में हाजिर होना होगा।
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शहर में सक्रिय रहेगी एनआईए की टीम
दिसंबर 2019 में सीएए के विरोध में हुई हिंसा में पांच पीएफआई सदस्य जेल भेजे गए थे। इन्हीं में से तीन आरोपी नई सड़क बवाल में दोबारा जेल भेजे गए थे। एक गंभीर बीमारी से ग्रसित है। एक की तलाश जारी है। इन सभी के अलावा भी पीएफआई से जुड़े लोग शहर में हैं या नहीं इसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां व पुलिस जानकारी कर रही है। जिसे लेकर एनआईए लखनऊ की एक टीम शहर में सक्रिय है।