घाटमपुर (कानपुर)। सोमवार की दोपहर एयरफोर्स जवान का शव घाटमपुर लाया गया। इसकी खबर मिलते ही जवान के दरवाजे पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं, परिजनों ने हमीरपुर में यमुना नदी के किनारे उसकी अंत्येष्टि की। जवान ने शुक्रवार (07 अगस्त) की रात ऊधमपुर (जम्मू) में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
मूलरूप से थाना सजेती के कोहरा गांव निवासी विजय बहादुर सिंह परमार घाटमपुर कस्बे के एक बैंक में गार्ड की नौकरी करते हैं। हमीरपुर रोड पर मोहल्ला जवाहर नगर (पूर्वी) में उनका निजी मकान है। परिवार में पत्नी उमा देवी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ा बेटा शुभम सिंह परमार (23) का इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद एयरफोर्स में चयन हो गया था। इस समय उसकी तैनाती ऊधमपुर में वायरलेस आपरेटर के पद पर थी। परिजनों ने बताया कि शुभम पिछले जून में डेढ़ महीने की छुट्टी पर घर आया था। जबकि, बीती 27 जुलाई को ही वह छुट्टी से वापस ड्यूटी पर लौटा था।
शुक्रवार की रात शुभम ने फोन कर पत्नी, छोटे भाई-बहन और मां से बातचीत भी की थी। वहीं, शनिवार की सुबह एयरफोर्स के विंग कमांडर ने घर पर फोन कर उसकी मौत की सूचना दी। शुभम की मौत की सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया। पिता और चाचा तत्काल ऊधमपुर के लिए रवाना हो गए थे।
सोमवार को शुभम सिंह का शव घाटमपुर आया और उसे गाड़ी से उतारकर अंतिम दर्शन के लिए मैदान में रखा गया। जहां बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। शव के साथ आए विंग कमांडर सुरेश चंद्र आर्य ने बताया कि घटना की रात शुभम अपने पांच अन्य साथियों के साथ ड्यूटी पर था। सुबह करीब 4 बजे के आसपास गोली चलने की आवाज सुनकर साथी उसके पास पहुंचे तो शुभम जमीन पर तड़प रहा था। उसने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। बताया कि शुभम ने खुदकुशी क्यों की इसकी जांच की जा रही है।
एयरफोर्स कर्मी शुभम सिंह का विवाह करीब आठ माह पहले 23 नवंबर 2019 को जनपद फतेहपुर के हसनापुर (जोनिहां) निवासी मनीषा सिंह के साथ हुआ था। पति की मौत का समाचार मिलते ही मनीषा का हाल-बेहाल हो गया। उसने तीन दिनों से एक कौर भी नहीं तोड़ा। जैसे ही पति का शव घर पहुंचा वह दहाड़ मारकर रो पड़ी इस दौरान वह कई बार बेहोश भी हुई। यही हाल शुभम की मां, बहनों और छोटे भाई का भी था। जबकि, पिता और दोनों चाचा के अलावा दादा बीरबल सिंह कभी दहाड़ मारते तो कभी परिजनों को समझाकर उनको ढांढस बंधाने की कोशिश करते।
शुभम सिंह की खुदकुशी की बात पर परिजनों को विश्वास नहीं हो रहा है। उसके वृद्ध दादा बीरबल सिंह ने साथ आए एयरफोर्स के विंग कमांडर से घटना की जांच कराने की गुजारिश की। कहा कि शुभम इतना सरल स्वभाव का था कि उन लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि आखिरकार उसने आत्महत्या क्यों की।