बिल्हौर के देवकली गांव में बारिश के कारण क्षतिग्रस्त ट्यूबवेल के 20 फिट गहरे कुएं की सफाई कर रहा एक श्रमिक मिट्टी धस जाने के कारण दब गया। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने रेस्क्यू आपरेशन शुरू कराया। देर रात श्रमिक को निकाला जा सका। परीक्षण के बाद डॉक्टर ने श्रमिक को मृत घोषित कर दिया। श्रमिक की मौत से परिजनों का रो-रो
गांव में प्राथमिक स्कूल के समीप फकीरे के खेत में पुराना कुआं हैं। बीते दिनों हुई बारिश के कारण कुएं की ईंटें धस गईं थी। सोमवार को गांव के ही 50 वर्षीय राधाकृष्ण कुएं की मरम्मत का काम कर रहे थे। तभी 20 फिट गहरे कुएं की मिट्टी नम होने के कारण धंस गई।
इसमें राधाकृष्ण दब गया। सूचना पुलिस और अन्य अधिकारियों को दी गई। तहसीलदार अवनीश कुमार ने बताया कि सोमवार शाम 5:40 बजे उन्हें एक ग्रामीण के कच्चे कुएं में दब जाने की जानकारी मिली थी। वह नायब तहसीलदार रत्निका श्रीवास्तव के साथ जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचे। मिट्टी खुदाई में लगे श्रमिकों को हटाकर काम शुरू कराया। इंसपेक्टर संतोष अवस्थी ने बताया कि बलुई मिट्टी में नमी से खोदे जा रहे गढ्ढे में बार-बार गिर रही है। इससे रेस्क्यू में बाधा आ रही है।
देर से शुरू हो सका रेस्क्यू आपरेशन
डेढ़ से दो घंटे बाद रेस्क्यू आपरेशन शुरू हो सका। बिना तैयारी के लिए एकाएक जेसीबी मशीन लगाकर खुदाई शुरू हो जाने के कारण 12-15 फिट की खुदाई पर एकाएक कुएं की मिट्टी फिर से गिर गई। इससे तीन घंटे की मेहनत पूरी तरह बर्बाद हो गई। दमकल कर्मियों के बताए अनुसार एकमात्र जेसीबी ने कुआं से काफी दूर से खुदाई की थी।
तीन घंटे बाद पहुंचे फायर कर्मी
तीन घंटे बाद शाम 7:30 बजे दमकल विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उपकरणों के अभाव में दमकल कर्मी जेसीबी मशीन के आसपास ही ठहलते रहे। देर रात तक सीमित संसाधनों से चल रहे रेस्क्यू आपरेशन को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष दिखा। मिट्टी में दबे ग्रामीण को बचाने के लिए आसपास गांवों के कई ग्रामीण अपने ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे और जेसीबी द्वारा निकाली जा रही मिट्टी को हटाते रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुटे रहे।