उसके सिर में गहरी चोट आई थी। स्थानीय डॉक्टरों के हाथ खड़े कर देने पर उसे न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह के अंडर में भर्ती किया गया। सिर की हड्डी टूटी थी और ब्रेन हेमरेज से खून के थक्के जम गए थे। गर्भस्थ शिशु की जांच की गई तो वह ठीक था। संध्या की स्थिति बेहतर हुई तो उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। घर जाकर दवा छोड़ दी, जिससे उसे दौरे आने लगे और उसे दो दिन पहले भर्ती किया गया। डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि मंगलवार को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और आठ महीने में ही बच्चे का प्रसव कराया गया। स्त्री रोग विशेषज्ञ को बुलाने का समय नहीं था तो एमसीएच छात्रों ने नर्स के साथ प्रसव कराया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने विभाग को बधाई दी है।