कानपुर में नमाज में मुल्क में अमन चैन की दुआ की गई। मौलाना हाशिम अशरफी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण का संदेश दिया। नमाज के बाद जानवरों की कुर्बानी की।
ईद उल अजहा यानी बकरीद पर्व के मौके पर कानपुर के अलग-अलग मोहल्लों की मस्जिदों, जामा मस्जिदों और ईदगाहों में बकरीद की नमाज अदा की गई। सभी जगह लोगों का जमावड़ा रहा। सभी ने एक-दूसरे को गले मिलकर बकरीद की बधाई दी। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन भी सतर्क दिखा।
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नमाज में मुल्क में अमन चैन की दुआ की गई। मौलाना हाशिम अशरफी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण का संदेश दिया। नमाज के बाद लोग जानवरों की कुर्बानी की। फेथफुलगंज और सुजातगंज में पुरुषों के साथ महिलाएं भी जानवरों की कुर्बानी की। अहले-हदीस विचारधारा के लोगों की ईदगाहों में महिलाएं पुरुषों के साथ एक ही पेश इमाम के पीछे नमाज पढ़ी। शहर काजियों ने लोगों से अपील की है कि यह त्योहार कुर्बानी का है। इसे शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं।