निविदा समिति ने इस टेंडर की तकनीकी जांच की, जिसमें गड़बड़ी का खुलासा हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, नियमानुसार तकनीकी बिड पास होने के बाद वित्तीय बिड खोली जाती है, जिसके आधार पर ही सबसे कम धनराशि में टेंडर डालने वाले (एल-1), उसके बाद सबसे कम धनराशि में डाला गया टेंडर एल-2 (लोएस्ट-2) निर्धारित होता है। पर, अधिशासी अभियंता ने ऐसा नहीं किया।
धनराशि वापस करने के लिए संस्तुति की
मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी ने अधिशासी अभियंता नानक चंद्र को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। पूछा गया है कि बिना तकनीकी बिड, वित्तीय बिड खोले किस आधार पर द्वितीय सर्वनिम्न निविदादाता का चयन किया गया? और धनराशि वापस करने के लिए संस्तुति की है।
ये है नियम
नगर निगम के सभी अभियंत्रण खंडों में पिछले महीने की विभिन्न तारीखों में टेंडर आमंत्रित किए गए। ठेकेदारों ने 10 प्रतिशत जमानती धनराशि आरटीजीएस या एनईएफटी अथवा अन्य किसी माध्यम से नगर निगम के खाते में जमा की। जमानती राशि की वापसी टेंडर खुलने के बाद (सबसे निम्न निविदादाता की जमानती राशि को रोककर) संबंधित ठेकेदारों के खाते में भेज दी जाती है।