दंपती पर हमले का मामला
- फोटो : amar ujala
बदमाशों ने कुल्हाड़ी और चाकू से हमला किया
शुक्रवार की आधी रात जब पूरा इलाका गहरी नींद में सो रहा था, तब दो बेखौफ बदमाश खेतों में बने इस एकांत मकान में दाखिल हुए। बदमाशों ने घर में घुसकर लूटपाट शुरू कर दी। जब मुमताज ने हिम्मत दिखाकर इसका विरोध किया, तो हमलावरों ने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उनकी निर्मम हत्या कर दी। पति को बचाने दौड़ी शाहजहां पर भी बदमाशों ने कुल्हाड़ी और चाकू से हमला किया।
दंपती पर हमले का मामला
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शाहजहां का खौफ और जख्म जस के तस है
चेहरे पर घूंसे मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। मुमताज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि खून से लथपथ शाहजहां सीने से नन्हीं जान को चिपकाए तड़पती रह गई। घटना को 110 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन शाहजहां का खौफ और जख्म जस के तस है। पति की याद में रोते-रोते उनके आंसू सूख चुके हैं। चोट के कारण वह कुछ खाने या चबाने में असमर्थ हैं।
दंपती पर हमले का मामला
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पिता अब इस दुनिया में नहीं है
फिलहाल उन्हें केवल तरल पदार्थ ही दिया जा रहा है। जेठ भूरा खान बताते हैं कि उनका लगातार इलाज कराया जा रहा है, लेकिन दिल और दिमाग पर लगे सदमे के कारण उन्हें नींद नहीं आ रही है। उनकी सास आबिदा बेगम, जेठ-जेठानी और मायके से आई मां परवीन बानो चौबीसों घंटे उनकी देखभल में लगी हुई हैं। मासूम बच्ची अपनी मां की गोद में सुरक्षित तो है, लेकिन उसे क्या पता कि जिस पिता ने उसके जन्म का जश्न मनाया था, वह अब इस दुनिया में नहीं है।