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UP: ‘छह साल बाद भरी थी गोद', नए आशियाने में उजड़ी शाहजहां की मांग, बोली- गूंज रही पति की चीख, मुमताज हत्याकांड

Wed, 12 Aug 2026 01:33 PM IST
Himanshu Awasthi राघवेंद्र सिंह यादव, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Mumtaz Murder Case: भीतरगांव ब्लॉक के देवसढ़ गांव में खेतों पर बने एकांत मकान में घुसकर बदमाशों ने लूटपाट के दौरान मुमताज की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। पति को बचाने आई पत्नी शाहजहां पर भी हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पांच महीने पहले ही उनके घर बेटी का जन्म हुआ था, जिससे परिवार में पसरा मातम पूरे इलाके को झकझोर कर रख गया है।
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Kanpur Mumtaz Murder Case - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में छह साल का लंबा इंतजार, दो बार बच्चों को खोने का असहनीय दर्द और ग्रामीणों के ताने, भीतरगांव ब्लॉक के देवसढ़ निवासी शाहजहां और मुमताज के जीवन में दुखों की कोई कमी नहीं थी। पुरानी देहरी को अपशगुन बताए जाने पर मुमताज ने गांव से एक किलोमीटर दूर खेतों में अपना नया आशियाना बनाया। उन्हें लगा कि अब उनकी दुनिया बदल जाएगी।

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पांच महीने पहले जब नए घर में नन्हीं परी की किलकारी गूंजी, तो मुमताज की खुशी का ठिकाना न रहा। धूमधाम से जश्न मनाया, मानो जिंदगी ने उन्हें सब कुछ दे दिया हो लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। महज पांच महीने में ही यह खुशी मातम में बदल गई। पत्नी शाहजहां की गोद तो भर गई लेकिन हैवानों ने उसकी मांग सदा के लिए सूनी कर दी।

दंपती पर हमले का मामला - फोटो : amar ujala
बदमाशों ने कुल्हाड़ी और चाकू से हमला किया
शुक्रवार की आधी रात जब पूरा इलाका गहरी नींद में सो रहा था, तब दो बेखौफ बदमाश खेतों में बने इस एकांत मकान में दाखिल हुए। बदमाशों ने घर में घुसकर लूटपाट शुरू कर दी। जब मुमताज ने हिम्मत दिखाकर इसका विरोध किया, तो हमलावरों ने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उनकी निर्मम हत्या कर दी। पति को बचाने दौड़ी शाहजहां पर भी बदमाशों ने कुल्हाड़ी और चाकू से हमला किया।

दंपती पर हमले का मामला - फोटो : amar ujala
शाहजहां का खौफ और जख्म जस के तस है
चेहरे पर घूंसे मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। मुमताज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि खून से लथपथ शाहजहां सीने से नन्हीं जान को चिपकाए तड़पती रह गई। घटना को 110 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन शाहजहां का खौफ और जख्म जस के तस है। पति की याद में रोते-रोते उनके आंसू सूख चुके हैं। चोट के कारण वह कुछ खाने या चबाने में असमर्थ हैं।
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दंपती पर हमले का मामला - फोटो : amar ujala
पिता अब इस दुनिया में नहीं है
फिलहाल उन्हें केवल तरल पदार्थ ही दिया जा रहा है। जेठ भूरा खान बताते हैं कि उनका लगातार इलाज कराया जा रहा है, लेकिन दिल और दिमाग पर लगे सदमे के कारण उन्हें नींद नहीं आ रही है। उनकी सास आबिदा बेगम, जेठ-जेठानी और मायके से आई मां परवीन बानो चौबीसों घंटे उनकी देखभल में लगी हुई हैं। मासूम बच्ची अपनी मां की गोद में सुरक्षित तो है, लेकिन उसे क्या पता कि जिस पिता ने उसके जन्म का जश्न मनाया था, वह अब इस दुनिया में नहीं है।
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