कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि उसे डॉ. बीपी प्रियदर्शी के अंडर में भर्ती किया गया था। इसके बाद उसे न्यूरोलॉजिस्ट और फिजीशियन डॉक्टरों की टीम इलाज में लग गई। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। उसके ब्लड प्रेशर, आक्सीजन सेच्युरेशन में उतार-चढ़ाव रहा लेकिन मस्तिष्क की स्थिति नहीं सुधरी।
मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने आकर उसकी स्थिति देखी। उसे एसजीपीजीआई शिफ्ट करने की भी बात चली लेकिन बेड खाली न होने की वजह से भेजा नहीं गया। बाराबंकी से पाखी के पिता आशीष श्रीवास्तव और मां प्रांजलि अंजु भी आ गईं। मंगलवार शाम को उसकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज के वाहन से उसका शव भेजा गया।
बहुत जिंदादिल थी पाखी
यूजी गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन डॉ. लुबना खान का कहना है कि पाखी पढ़ने लिखने में अच्छी तो थी ही, वह बहुत जिंदादिल लड़की भी थी। सहेलियों के साथ भी उसका बर्ताव अच्छा रहता था। उसकी कभी कोई शिकायत नहीं आई। पढ़ाई के अलावा दूसरी एक्टिविटी में भी आगे रहती थी। कॉलेज के कार्यक्रमों में हिस्सा लेती रही। उसका न रहना बहुत दुखद है।
उप प्राचार्य और वार्डन से लिपटकर रोईं छात्राएं
पाखी की मौत की खबर से मेडिकल कॉलेज में कोहराम मच गया। चिकित्सा शिक्षकों के साथ मेडिकल छात्र-छात्राएं इमरजेंसी की तरफ भागे। जैसे ही सफे द चादर से ढंके पाखी के शव को स्ट्रेचर पर इमरजेंसी से बाहर लाया गया। छात्राएं वार्डन डॉ. लुबना खान, उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि से लिपटकर चीख मारकर रो पड़ीं। उन्हें किसी तरह ढाढ़स बंधाया गया। इसके बाद एंबुलेंस से पाखी के शव को भेजा गया और दूसरे वाहन से छात्र-छात्राएं उसके घर गए।
डॉ. खान ने बताया कि उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बस से मेडिकल छात्र जाएंगे। प्राचार्य डॉ. काला ने बताया कि पैरा एन-2 के बच्चे गए हैं। उनके साथ चार चिकित्सा शिक्षकों को ध्यान रखने के लिए भेजा है। बुधवार को वह भी पाखी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जाएंगे।
पाखी का अचानक गंभीर होना यक्ष प्रश्न
पाखी की हालत इतनी तेजी से बिगड़ना मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों के लिए यक्ष प्रश्न बन गया है। दिल्ली से आई केंद्रीय टीम उसका ब्लड सैंपल ले गई। इससे जीन की जांच कराई जाएगी, जिससे उसके अचानक गंभीर होने के कारण का पता चलेगा। पाखी के साथ उसकी रूम पार्टनर साक्षी और दो अन्य छात्राओं को भी स्वाइन फ्लू हुआ था, लेकिन वे हल्के लक्षण आने के बाद ठीक हो गए। कोई जटिलता नहीं उभरी।