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Fatehpur: थाने में हुई थी युवक की मौत, गायब हो गए तीन पुलिसकर्मी, दरोगा ने कराया बुद्धि-शुद्धि जाप

Wed, 12 Oct 2022 12:50 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर

सार

राधानगर थाना क्षेत्र में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां थाने में कैदी की मौत हो गई थी, जिसके बाद तीन पुलिसकर्मी संदिग्ध रूप से लापता हो गए। अब पुलिसकर्मियों को डर सताने लगा है, जिसके लिए थाने में हवन-पूजन कराया गया।
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राधानगर थाने में धार्मिक अनुष्ठान में पूजा करते प्रभारी निरीक्षक व अन्य पुलिस कर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फतेहपुर जिले के राधानगर थाने में अनुसूचित जाति के युवक की मौत के बाद तीनों पुलिसकर्मी लापता हैं। उनके मोबाइल भी फोन स्विच ऑफ हैं। उनके पास थाने के कई अहम दस्तावेज होने की चर्चा है। वहीं, पुलिसकर्मियों में डर का माहौल भी है, जिसके लिए थाने में बुद्धि-शुद्धि जाप और पूजा करवाई गई। बता दें कि कयास लगाए जा रहे हैं कि संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की वजह से लापता हुए हैं।

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एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बयान के समय उनके प्रस्तुत नहीं होने पर नोटिस जारी होगा। धोखाधड़ी के मामले में हिरासत में लिए गए पेशे से एमआर सत्येंद्र कोरी (28) का राधानगर थाने के शौचालय में रविवार सुबह शव मिला था। जयराम नगर स्थित किराये के घर से पुलिस सत्येंद्र को छह सितंबर की रात थाने ले गई थी।
मामले में थाने के अस्थायी थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार सिंह, चौकी प्रभारी विकास सिंह, देवेंद्र सिंह पर हत्या, बंधक बनाकर वसूली और एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सीवीए स्ट्रोक से मौत की पुष्टि से आरोपी पुलिस कर्मियों केे हल्की राहत जरूर मिली है, लेकिन विधि जानकारों के मुताबिक एससी-एसटी एक्ट, बंधक बनाकर वसूली की धाराओं पर गिरफ्तारी होनी चाहिए।

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सत्येंद्र के भाई अरविंद ने बताया कि पुलिस जानबूझकर मामले में हीलाहवाली कर रही है। मामला विभागीय होने के कारण पुलिस बचाव में जुटी है। उन्हें पूरा यकीन है कि पिटाई के कारण ही भाई की मौत हुई है। चेहरे पर मारपीट से आने वाला कालापन साफ दिखाई दे रहा है। वहीं, विवेचक सीओ जाफरगंज अनिल कुमार ने बताया कि मामले की विवेचना शुरू की गई है।

विवेचना के क्रम में सारी कार्रवाई की जाएगी। पुलिसकर्मियों के गायब होने के तथ्य को ध्यान में रखा गया है। डीएम श्रुति ने अपर उपजिलाधिकारी नंदप्रकाश मौर्य को प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच के लिए मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। उन्हें 15 दिनों में जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। एएसएडीएम ने बताया कि फिलहाल जांच का आदेशपत्र नहीं प्राप्त हो सका है। आदेशपत्र मिलने के साथ ही जांच शुरू की जाएगी। 

जांच एजेंसी से कराने का पूर्व विधायक ने दिया आश्वासन
नहर कालोनी में रहने वाले सत्येंद्र के जेई भाई अरविंद और परिवार से मिलने बीजेपी पूर्व विधायक विक्रम सिंह पहुंचे। परिवार के लोगों ने पूर्व विधायक से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। विधायक ने बताया कि वे शासन में किसी एजेंसी से प्रकरण की जांच कराने की सिफारिश करेंगे।

बयान में मां बोली- एफआईआर को ही बयान माना जाए
राधानगर थाने में मृतक सत्येंद्र की वादी मां रामदुलारी को बयान के लिए बुलाया गया है। विवेचक की पूछताछ में उन्होंने सिर्फ एक बात कही है। एफआईआर में जो भी लिखकर दिया गया है। उसे ही सत्य माना जाए। उस कथन पर ही विवेचना की जाए। दूसरा कोई उनका कथन नहीं है।
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राधानगर थाने में हुआ बुद्धि-शुद्धि जाप 
पूर्व की चौकी और अब थाना बने राधानगर में पिछले सात सालों से लगातार पुलिसकर्मी कार्रवाई के दायरे में आए हैं। यह सिलसिला 2015 से चला आ रहा है। हिरासत में आरोपी की मौत का भय पुलिस कर्मियों को सताने लगा है। इसी वजह से यहां स्थापित मंदिर में मंगलवार सुबह शुद्धि-बुद्धि जाप कराया गया। राजकिशोर को नया थानेदार बनाया गया है। हालांकि वे भी काफी खराब समय से गुजरे हैं।
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