10 अधिवक्ताओं को एलएलबी की डिग्री बेची थी
वहीं शुभम दुबे, शेखू, छतरपुर निवासी मयंक भारद्वाज, हैदराबाद निवासी मनीष उर्फ रवि और गाजियाबाद निवासी विनीत की भी भूमिका सामने आने के बाद पुलिस उन्हें तलाश कर रही है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि उन्होंने बाबूपुरवा के अजीतगंज निवासी अधिवक्ता शमशाद अली समेत 10 अधिवक्ताओं को एलएलबी की डिग्री बेची थी। इसके बाद मंगलवार को किदवईनगर पुलिस अधिवक्ता शमशाद अली को पूछताछ के लिए किदवईनगर थाने लाई थी, जहां उनसे पूछताछ की जानी थी।
अनुराग ने कहा कि कोई फोन नहीं उठा रहा है
शमशाद को थाने लाए जाने की सूचना पर कुछ लोग किदवईनगर थाने पहुंचे और उसे छोड़ने को कहा। इस बीच महापौर का अधिवक्ता बेटा अनुराग पांडेय भी अन्य अधिवक्ताओं के साथ थाने पहुंचा। वह शमशाद को थाने लाने का विरोध कर रहा था। इस बीच इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार राम से उनकी तीखी बहस हुई। इंस्पेक्टर ने अनुराग से कहा कि आप अधिकारियों से बात करिये। इस पर अनुराग ने कहा कि कोई फोन नहीं उठा रहा है।
ये भागे तो मेरे ऊपर मुकदमा लिख देना
ये भी वकील हैं कोई हत्यारा या मुल्जिम नहीं है। मैं इसका हाथ पकड़े हूं, ये भागे तो मेरे ऊपर मुकदमा लिख देना। इस पर इंस्पेक्टर ने कहा कि यह कहीं भाग नहीं पाएंगे। आप इनको बैठाओ। इसके बाद आधे घंटे में अधिकारियों के आने की बात कहते हुए अनुराग और उनके कुछ साथी पुलिसकर्मी संग थाने के अंदर चले गए, जबकि पुलिस कर्मियों ने अन्य को बाहर कर दिया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि शमशाद अली को केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जांच की जा रही है।