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Kanpur: 1600 करोड़ बैंकिंग फर्जीवाड़े में मास्टरमाइंड का साला गिरफ्तार, 8 करोड़ की संपत्ति का खुलासा

Mon, 04 May 2026 03:40 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर के बहुचर्चित 1600 करोड़ रुपये के बैंकिंग फर्जीवाड़े में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। मामले में मास्टरमाइंड के करीबी और साले महताब को गिरफ्तार किया गया है।
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पुलिस की गिरफ्त में महताब आलम व उसका बेटा - फोटो : वीडिओ ग्रैब
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विस्तार
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शहर के चकेरी थाना क्षेत्र में हुई एक मामूली लूट की जांच ने देश के सबसे बड़े बैंकिंग फर्जीवाड़ों में से एक की परतें खोल दी हैं। पुलिस ने 1600 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले के मास्टरमाइंड के साले महताब को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में आरोपित की आठ करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी संपत्तियों का खुलासा हुआ है, लेकिन इस पूरे खेल की शुरुआत जिस तरह से हुई, वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।

श्याम नगर की 'रहस्यमयी लूट' ने बदल दी जांच की दिशा

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इस महाघोटाले की नींव 16 फरवरी 2026 को चकेरी के श्याम नगर में हुई एक वारदात से जुड़ी है। लूट की इस घटना ने तब नया मोड़ ले लिया जब पीड़ित ने पुलिस की मदद लेने से इंकार कर दिया और शिकायत दर्ज कराने में आनाकानी करने लगा। पुलिस को माजरा समझते देर न लगी कि दाल में कुछ काला है। जब पुलिस ने उस 'लूट' की जड़ खंगाली, तो पता चला कि यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि 1600 करोड़ के वित्तीय साम्राज्य का एक छोटा सा सिरा था।

68 बैंक खातों से बिछाया गया था जाल
पड़ताल में सामने आया है कि जालसाजों ने इस विशाल साम्राज्य को खड़ा करने के लिए फर्जी फर्मों का सहारा लिया था। जांच एजेंसियों ने 12 अलग-अलग बैंकों के कुल 68 खातों को चिन्हित किया है, जिनके जरिए संदिग्ध लेनदेन किया जा रहा था। इन खातों के माध्यम से करोड़ों की रकम को इधर-उधर कर बैंकिंग सिस्टम को बड़ी चोट पहुंचाई गई। महताब इस पूरे नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया जा रहा है।

जांच शुरू हुई तो उड़े पुलिस के होश
जब पुलिस ने पीड़ित की चुप्पी के पीछे की वजह जानने के लिए उसके वित्तीय लेनदेन की गहराई से पड़ताल की, तो मामला लूट से बढ़कर एक विशाल वित्तीय घोटाले की ओर मुड़ गया। जांच में सामने आया कि चकेरी और आसपास के क्षेत्रों के छोटे तबके के लोगों और सामान्य कामकाजी व्यक्तियों के नाम पर दर्जनों बैंक खाते खोले गए थे। इन साधारण लोगों के खातों से रातों-रात करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया जा रहा था।

घटना की जानकारी देते कानपुर पुलिस के अधिकारी - फोटो : वीडिओ ग्रैब
जांच में बेनामी संपत्तियों का खुलासा
गिरफ्तारी के बाद जब महताब की कुंडली खंगाली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। महताब के नाम पर शहर के पॉश इलाकों में आठ करोड़ रुपये से ज्यादा की अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं। एजेंसियों को शक है कि मास्टरमाइंड ने अपने साले के जरिए बड़ी रकम को प्रॉपर्टी में निवेश किया था। पुलिस अब इन संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी में है।

नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी एजेंसियां
अधिकारियों के मुताबिक, 1600 करोड़ के इस महाघोटाले में कई सफेदपोश और बैंकिंग कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं। मास्टरमाइंड के करीबी रिश्तेदारों की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि महताब से पूछताछ में कई अन्य बड़े नामों का खुलासा हो सकता है, जो इस सिंडिकेट को पर्दे के पीछे से चला रहे थे। कार्रवाई के बाद से शहर के कारोबारी जगत और बैंकिंग सेक्टर में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जाएगा।
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गरीबों के खातों का हुआ दुरुपयोग
इस घोटाले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें उन लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया जिन्हें पता भी नहीं था कि उनके नाम पर करोड़ों का टर्नओवर हो रहा है। पुलिस अब उन बैंकिंग कर्मचारियों की भी भूमिका की जांच कर रही है, जिन्होंने बिना सत्यापन के इतने बड़े लेनदेन की अनुमति दी। मास्टरमाइंड के साले की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस वित्तीय साम्राज्य के असली चेहरे तक पहुंचने के बेहद करीब है।
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