इस आधार पर भविष्य की रूपरेखा तय होगी
बैठक में केडीए के अधिकारियों ने बताया कि सर्वे में गांवों की मौजूदा आबादी, सड़क नेटवर्क, वर्तमान भू-उपयोग, कॉलोनियों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूल-कॉलेज, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य प्रमुख निर्माणों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसी आधार पर क्षेत्र में भविष्य के आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक और अन्य उपयोगों की रूपरेखा तय की जाएगी।
पहले से स्थापित सुविधाओं में भी होगा सुधार
यह भी बताया गया कि मास्टर प्लान में केवल भविष्य में होने वाले निर्माण ही नहीं बल्कि पहले से स्थापित सुविधाओं को भी शामिल किया जा रहा है। विस्तारित क्षेत्र में संचालित फैक्ट्रियों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूल-कॉलेज, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आवासीय कॉलोनियों की मौजूदा स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है। इनके आसपास के विकास, सड़क और यातायात व्यवस्था तथा नियोजन मानकों को देखते हुए भविष्य के भू-उपयोग का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
मास्टर प्लान में इनका होगा निर्धारण
मास्टर प्लान में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक, सार्वजनिक-अर्द्धसार्वजनिक, सड़क एवं परिवहन, पार्क और खुले क्षेत्र समेत विभिन्न भू-उपयोग निर्धारित किए जाएंगे। केडीए में हुई बैठक का संचालन केडीए सचिव अभय पांडेय ने किया। इसमें एडीएम (सिटी), केडीए की कार्यवाहक मुख्य नगर नियोजक के साथ ही पुलिस, यातायात विभाग, अग्निशमन विभाग, सिंचाई सहित विभिन्न विभागों के 18 अधिकारी शामिल हुए।