कई दवा फर्मे सिर्फ कागजों तक सीमित
इन फर्मों में अग्रवाल ब्रदर्स, सिसोदिया, प्रेमा, माया फर्म, मेडिसिना, मसाइको, कुमार मेडिकल स्टोर, मां दुर्गा मेडिकोज, श्री बालाजी, आर एस हेल्थकेयर, ए एस हेल्थकेयर, एसजीपीएस सहित 28 दवा फर्में शामिल हैं। जांच में सामने आया कि कई दवा फर्मे सिर्फ कागजों तक सीमित है। दस्तावेज में दर्ज पते पर जब विभाग की टीम पहुंची तो, दुकान मालिक ने किसी दवा फर्म या गोदाम के संचालन की जानकारी होने से इन्कार कर दिया।
28 थोक दवा फर्मों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। इन फर्मों में 12 फर्मे नशीली दवाओं की बिक्री से जुड़ी है। और बाकी सिर्फ कागजों पर चल रही थीं। शासन के निर्देश पर सभी फर्मों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। अभी अभियान जारी है। आगे और कार्रवाई की जाएंगी। -गोविंद गुप्ता, सहायक आयुक्त, ड्रग विभाग
3270 फर्मों की जांच कार्रवाई, जांच अभी जारी
लाइसेंस रद्द करने के मामले में 28 दवा फर्मों में से 16 फर्मों के नाम ड्रग विभाग उजागर ही नहीं किए हैं। सूत्रों के अनुसार इन फर्मों को बचाने के लिए ऐसा किया जा रहा हैं। ये वे फर्मों हैं, जिन पर फरवरी से सितंबर तक कार्रवाई की गई है। इन फर्मों के नाम पर लाइसेंस तो जारी हुए, लेकिन दुकान संचालित नहीं की गई। अधिकारियों के अनुसार लाइसेंस सरेंडर करने के लिए समय देने के बावजूद इन फर्मों ने सरेंडर नहीं किया। विभाग को शक है कि इसकी आड़ में नशीली दवाओं का काला कारोबार किया जा रहा है।