गैंगस्टर दीनू के साथ आरोपी प्रिंस राज
- फोटो : amar ujala
200 कदम दौड़ाकर मारा था पेट में चापड़
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मेडिकल स्टोर पर विवाद के बाद आरोपियों ने चापड़ से वार किया तो अभिजीत ने खुद को बचाने के लिए हाथ आगे कर दिए। इससे उसकी अंगुलियां कट गईं। वह बचने के लिए चिल्लाता हुआ सड़क की ओर भागा। करीब 200 कदम दूर सिंचाई विभाग काॅलोनी की दीवार कूदकर अंदर घुस गया। तभी अमर सिंह, उसके भाई विजय, निखिल तिवारी आदि ने वहां जाकर उसके पेट में चापड़ से कई वार किए जिससे उसकी आंतें बाहर आ गईं। अभिजीत का मेडिकल स्टोर से भागते हुए फुटेज पास के एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है।
एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने घटनास्थल मेडिकल स्टोर के आसपास लोगों से की पूछताछ
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गुमराह करने के लिए जोड़ा हिस्ट्रीशीटर का नाम
परिजनों का आरोप है कि चौकी के दरोगा ने अधिकारियों को गुमराह करने के लिए हिस्ट्रीशीटर सौरभ ठाकुर का नाम घायल अभिजीत के भाई के रूप में जोड़ दिया। घायल को भी आपराधिक प्रवृत्ति का बताया। हालांकि बाद में एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने जांच कराई तो सौरभ के भाई होने की बात गलत निकली। अभिजीत के मामा चंदन सिंह ने कहा कि अभिजीत अपने परिवार में अकेला है। उसकी सिर्फ एक बहन है। अभिजीत पर कोई आपराधिक मामला नहीं है। डीसीपी वेस्ट दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले में तीन आरोपी अमर सिंह, विजय सिंह, निखिल तिवारी को गिरफ्तार किया गया है। अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
एडीसीपी पश्चिम कपिल देव सिंह ने घटनास्थल मेडिकल स्टोर के आसपास लोगों से की पूछताछ
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प्रिंसराज पर दर्ज हैं सात मुकदमे
एलएलबी के छात्र पर हमले के आरोपी प्रिंस राज के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2017 में कल्याणपुर में दर्ज हुआ था। उसके खिलाफ थाना कल्याणपुर में तीन, काकादेव में दो और फजलगंज व रावतपुर में एक-एक मामला दर्ज है। ये मामले हत्या का प्रयास, जानलेवा हथियार से हमला, बलवा, जबरन वसूली, धमकाना, मारपीट, गालीगलौज, सड़क जाम करना, सरकारी काम में बाधा डालने आदि धाराओं में है।
अस्पताल में भर्ती घायल
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