कानपुर में सौतेली मां को जलाकर मार डालने वाले बेटे-बहू को अपर जिला जज 12 परमेश्वर प्रसाद ने उम्रकैद और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। नजीराबाद के कमलानगर निवासी रमाशंकर अवस्थी ने पहली पत्नी की मौत के बाद फतेहपुर कोतवाली के मुराइन टोला निवासिनी सुषमा की विकलांग बेटी नीता देवी से दूसरा विवाह किया था।
रमाशंकर की पहली पत्नी के बेटे हरिशंकर की फरवरी 2014 में प्रीति उर्फ पल्लवी से शादी हुई थी। सौतेला बेटा हरिशंकर अपनी पत्नी के प्रभाव में आकर नीता से व्यापार के लिए 20 लाख रुपये की मांग करता था। 28 अक्टूबर 2014 को सौतेले बेटे-बहू ने नीता की जलाकर हत्या कर दी थी।
नीता की मां सुषमा ने नजीराबाद थाने में हरिशंकर व प्रीति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एडीजीसी इंद्रलता शुक्ला ने बताया कि अभियोजन की ओर से मृतका के पति व बेटी समेत दस गवाह कोर्ट में पेश किए गए। पति और बेटी कोर्ट में बयान से मुकर गए थे लेकिन मृतका के मृत्युपूर्व बयान और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने हरिशंकर व प्रीति को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई।