पास के होटल में पानी पीने गए श्याम के भाई किशन ने शोर मचाया तो सभी भाग निकले। किशन ने ही चारों के खिलाफ बिठूर थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एडीजीसी राजेंद्र प्रसाद उत्तम व वादी के अधिवक्ता शशिकांत सचान, प्रांजल शुक्ला ने बताया कि चारों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। अभियोजन की ओर से वादी किशन के अलावा दो चश्मदीद गवाहों समेत कुल 13 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने मौजूदा ग्राम प्रधान गणेश, ओमप्रकाश व गुलाब को सजा सुनाई जबकि साक्ष्य न होने पर श्यामबाबू को बरी कर दिया।