लखनऊ में रोहिंग्या गिरोह के सदस्यों से एटीएस की पूछताछ में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। गिरोह के सदस्य म्यांमार और बांग्लादेश से किशोरियों और बच्चों को भारत लाते थे।
यहां जन सेवा केंद्र से फर्जी आईडी बनाकर देश में छोड़ देते थे। इस गिरोह ने काम का लालच देकर कई परिवारों को ऐसे ही भारत में बसा दिया है। एटीएस इन रोहिंग्या की तलाश में जुटी है जो अवैध तरीके से भारत में आए हैं।
पुलिस ने हाल ही में चकेरी, नौबस्ता व गुजैनी में छापा मारकर फर्जी आईडी बनाने वाले कैफे व जन सेवा केंद्र संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कानपुर एटीएस ने भी शहर में रोहिंग्या गिरोह के सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है।